पापा राव बियाला की कहानी: IAS छोड़कर फिल्मों में कदम रखा, पहली फिल्म ने जीता नेशनल अवॉर्ड

पापा राव बियाला ने 2020 में IAS छोड़कर फिल्म मेकिंग में कदम रखा। 2023 में उनकी पहली फीचर फिल्म म्यूजिक स्कूल रिलीज हुई।

पूर्व आईएएस अधिकारी पापा राव बियाला ने फिल्मों के प्रति अपने जुनून के कारण प्रशासनिक सेवा छोड़ दी। नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी डॉक्यूमेंट्री से शुरुआत करने वाले बियाला ने 2020 में नौकरी छोड़कर फिल्म मेकिंग को अपना करियर बना लिया। उनकी पहली फीचर फिल्म म्यूजिक स्कूल 2023 में रिलीज हुई और अब वे नए सिनेमाई प्रोजेक्ट्स पर आगे बढ़ रहे हैं।

Papa Rao Biyala Filmmaker: पूर्व आईएएस अधिकारी पापा राव बियाला की कहानी उस फैसले को उजागर करती है, जब उन्होंने 2020 में भारतीय खेल प्राधिकरण में काम करते हुए प्रशासनिक सेवा छोड़कर पूरी तरह फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उनकी यात्रा 90 के दशक में शुरू हुई, जब अभिनेता टू ऑल्टर ने उन्हें फिल्मकार जाह्नु बरुआ से मिलवाया। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी से फिल्म मेकिंग सीखी और 2023 में अपनी पहली फीचर फिल्म म्यूजिक स्कूल रिलीज की, जो उनके नए करियर की शुरुआत साबित हुई।

फिल्मों के लिए छोड़ी आईएएस की नौकरी

फिल्म मेकिंग की ओर उनका रुझान 90 के दशक में शुरू हुआ, जब अभिनेता टू ऑल्टर ने उन्हें दिग्गज फिल्मकार जाह्नु बरुआ से मिलवाया। इस मुलाकात ने उन्हें सिनेमा की दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। बाद में बियाला ने 1996 में न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी से फिल्म मेकिंग का डिप्लोमा किया और अपनी पहली डॉक्यूमेंट्री के जरिए पहचान बनाई।

हालांकि वे कुछ समय के लिए दोबारा प्रशासनिक सेवाओं में लौट आए, लेकिन फिल्मों के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। 2020 में उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में कार्यरत रहने के दौरान नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह फिल्म निर्माण में लग गए। 2023 में उनकी पहली फीचर फिल्म म्यूजिक स्कूल रिलीज हुई, जिसमें श्रिया सरन और शरमन जोशी मुख्य भूमिकाओं में थे।

पापा राव बियाला की कहानी: IAS छोड़कर फिल्मों में कदम रखा, पहली फिल्म ने जीता नेशनल अवॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ मजबूत प्रशासनिक यात्रा

पापा राव बियाला 1982 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने असम सहित कई राज्यों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। 1994 से 1997 तक वे असम के गृह सचिव रहे और बाद में संयुक्त राष्ट्र मिशन, कोसोवो में भी सेवाएं दीं। 2014 से 2019 के बीच वे तेलंगाना सरकार के नीति सलाहकार रहे, जहां उन्होंने कई प्रमुख नीतिगत मामलों में योगदान दिया।

बियाला की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत है। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने पीएचडी में दाखिला लिया, लेकिन यूपीएससी पास करने के कारण इसे बीच में छोड़ना पड़ा। बाद में उन्होंने फिल्म मेकिंग में प्रोफेशनल डिप्लोमा करके अपने जुनून को दिशा दी।

फिल्म मेकिंग में सशक्त शुरुआत, आगे की राह खुली

हालांकि म्यूजिक स्कूल बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन इसे उनके फिल्मी सफर की शुरुआत माना जा रहा है। उनके अनुभव, प्रशासनिक पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय exposure ने उन्हें सामाजिक और संवेदनशील मुद्दों पर फिल्में बनाने की प्रेरणा दी है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बियाला अलग तरह की कहानियों के माध्यम से अपना स्थान बना सकते हैं।

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