जोधपुर में 7 वर्षीय हिमांशु की हत्या मामले में कोर्ट ने पड़ोसी किशन गोपाल सोनी को उम्रकैद सुनाई। आरोपी ने किडनी बेचने और 10 लाख रुपए की फिरौती लेने के लिए बच्चे का अपहरण कर गला घोंटा था। अदालत ने इसे विकृत मानसिकता का अपराध बताया।
Jodhpur: जोधपुर के अपर सेशन न्यायालय संख्या-7 ने चार साल पुराने चर्चित हिमांशु हत्याकांड में बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने 7 साल के मासूम की हत्या करने वाले पड़ोसी युवक किशन गोपाल सोनी को उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध सामान्य हत्या नहीं, बल्कि “विकृत मानसिकता” के तहत की गई एक बेहद क्रूर वारदात है, जिसमें एक मासूम बच्चे को पैसों की लालच में बेरहमी से मार डाला गया।
न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने ऐसे बच्चे को निशाना बनाया, जो अपनी रक्षा भी नहीं कर सकता था। यह समाज को झकझोर देने वाला अपराध है।
घर के बाहर खेलते हुए गायब हुआ था बच्चा
15 मार्च 2021 को जोधपुर के भीतरी शहर कुम्हारिया कुआं क्षेत्र में रहने वाले बंशीलाल के घर पर अचानक गम का पहाड़ टूट पड़ा। उनका 7 साल का बेटा हिमांशु रोज की तरह घर के बाहर खेल रहा था, लेकिन थोड़ी देर बाद वह नजर नहीं आया। परिवार ने आसपास तलाश की, रिश्तेदारों को फोन किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शाम होते-होते परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
पूरा इलाका बच्चे की तलाश में जुटा रहा। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुए, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
दो दिन बाद नाले में मिला कट्टे में भरा शव
पुलिस को बताया कि उनका 7 साल का बेटा हिमांशु घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गया। दो दिन बाद, 17 मार्च को पुलिस को पोलो ग्राउंड के पास, आईजी बंगले के पास सूखे नाले में प्लास्टिक के कट्टे में बच्चे का शव मिला।
जांच में सामने आया कि यह हत्या बच्चे के ही पड़ोसी किशन गोपाल सोनी ने की थी। उसने हिमांशु का अपहरण कर अपने घर की पहली मंजिल पर हत्या की और शव को बोरे में डालकर नाले में फेंक दिया।
पड़ोसी पर गया शक
पुलिस की पूछताछ में पड़ोसी किशन गोपाल सोनी पर शक गहराता गया, क्योंकि वह बार-बार बयान बदल रहा था। जांच में सामने आया कि कर्ज से परेशान आरोपी किडनी बेचकर और फिरौती लेकर पैसे कमाना चाहता था। उसने Hushed ऐप से वर्चुअल नंबर बनाकर 10 लाख रुपए की मांग भी भेजी थी।
पहली मंजिल पर ले जाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, हत्या वाले दिन आरोपी ने बच्चे को बहाना बनाकर अपने घर की पहली मंजिल पर बुलाया। वहां उसने पहले उसे बंधक बनाया और फिर गला घोंटकर मार डाला। हत्या के बाद उसने शव को एक प्लास्टिक के कट्टे में भरा और रात में बाइक से नाले में फेंक आया।
तीन सबूतों ने खोला हिमांशु हत्याकांड का सच
पुलिस की पूछताछ में पड़ोसी किशन गोपाल सोनी पर शक गहराता गया, क्योंकि वह बार-बार बयान बदल रहा था। जांच में सामने आया कि कर्ज से परेशान आरोपी किडनी बेचकर और फिरौती लेकर पैसे कमाना चाहता था। उसने Hushed ऐप से वर्चुअल नंबर बनाकर 10 लाख रुपए की मांग भी भेजी थी।
फिरौती केस में सुनाई उम्रकैद
अदालत ने आरोपी किशन गोपाल सोनी को भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई। उसे धारा 302 के तहत हत्या के लिए उम्रकैद और 1 लाख रुपए जुर्माना, धारा 364-क में फिरौती के लिए अपहरण पर उम्रकैद और 10 हजार रुपए जुर्माना दिया गया।
इसके अलावा धारा 363, 368 और 201 में अपहरण, बंदी बनाकर रखने और सबूत मिटाने के आरोप में 3-3 साल की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।








