राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने 450 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया।
जयपुर: राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही थीं, तब विपक्ष के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर सक्रिय दिखाई नहीं दिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में 450 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री का यह बयान जयपुर में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला के दौरान आया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
राहुल गांधी पर मुख्यमंत्री का हमला
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई विवाद सामने आए थे। उनका आरोप था कि उस समय लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक बयान दिए जा रहे हैं, जबकि पहले की घटनाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करना है।
450 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े मामलों में 450 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासनिक तथा तकनीकी स्तर पर लगातार सुधार कर रही है। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हाल के वर्षों में राज्य में बड़ी संख्या में भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं और उन्हें पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए निगरानी व्यवस्था, तकनीकी सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस की नीतियों पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि देश और राज्य की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से बदलाव का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कमजोरियों के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज को जोड़ने और विकास की राजनीति में विश्वास रखती है, जबकि विपक्ष लगातार सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।
![]()
समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संत गुरु रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास के विचारों को प्रदेश के गांवों और शहरों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के अनेक महान संतों और समाज सुधारकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगवान बिरसा मुंडा और अहिल्याबाई होल्कर जैसे महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कई पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
2027 तक चलेगा समरसता अभियान
प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान 29 जुलाई 2026 से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक पूरे राजस्थान में संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान दीप महोत्सव, कलश वंदन, संत संपर्क अभियान, समरसता यात्राएं और छात्रावास संपर्क कार्यक्रम जैसे अनेक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य संत गुरु रविदास के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
पेपर लीक पर जारी है राष्ट्रीय बहस
देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं को लेकर हाल के वर्षों में व्यापक बहस हुई है। कई राज्यों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है और केंद्र सरकार भी परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक उपायों पर काम कर रही है।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ताजा बयान इसी व्यापक राष्ट्रीय बहस के बीच आया है। एक ओर सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।









