पटियाला के राजपुरा की लक्कड़ मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने संदिग्ध रंग के इस्तेमाल के शक में 65 किलो चमचम जब्त की। खोया बर्फी, चमचम और रसगुल्ले के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए।
पटियाला: राखी से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजपुरा की लक्कड़ मंडी में मिठाइयों की जांच के दौरान 65 किलो चमचम का स्टॉक जब्त किया। टीम को इसमें अनधिकृत या प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल की आशंका हुई थी। विभाग ने खोया बर्फी, चमचम और रसगुल्ले के नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजपुरा में 65 किलो चमचम का स्टॉक जब्त
रक्षाबंधन से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजपुरा की लक्कड़ मंडी में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान टीम को एक स्थान पर तैयार चमचम के रंग को लेकर संदेह हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाते हुए करीब 65 किलो चमचम का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया।

विभाग को आशंका थी कि मिठाई तैयार करने में अनधिकृत या प्रतिबंधित रंगदार पदार्थ का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि, रंग के इस्तेमाल को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह कार्रवाई जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर की निगरानी में की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी गौरव कुमार और तरुण बांसल की टीम ने मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच की और आवश्यक नमूने लिए।
खोया बर्फी, चमचम और रसगुल्ले के सैंपल लिए
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने तीन अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इनमें खोया बर्फी, चमचम और रसगुल्ले शामिल हैं। सभी नमूनों को गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
जब्त किए गए 65 किलो चमचम के स्टॉक को फिलहाल खाद्य सुरक्षा अधिकारी की सुरक्षित हिरासत में रखा गया है। विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने तक इस स्टॉक को लेकर आगे कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, यदि प्रयोगशाला जांच में मिठाई में अनधिकृत या प्रतिबंधित रंग अथवा किसी अन्य प्रकार की मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, नियमों और विनियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि फिलहाल विभाग को प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनधिकृत रंगों के इस्तेमाल को विभाग गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की अपील की।











