Paytm Payments Bank: RBI ने शिड्यूल्ड बैंकों की सूची से हटाया, जानें पूरा मामला

Paytm Payments Bank को RBI की शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से हटाए जाने की खबर के बीच जानें इस फैसले का क्या मतलब है। समझें बैंक की स्थिति, RBI की कार्रवाई और

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को शिड्यूल्ड यानी अनुसूचित बैंकों की सूची से आधिकारिक तौर पर हटा दिया है। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। यह कार्रवाई बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद की गई है।

Paytm Payments Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को अनुसूचित यानी Scheduled Banks की सूची से हटा दिया है। यह कदम बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने और दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से बैंक को बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद उठाया गया है। आरबीआई ने अपने आधिकारिक बयान में इस बदलाव की जानकारी दी है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक लंबे समय से नियामकीय कार्रवाई के केंद्र में रहा है। बैंक के कामकाज में सामने आई नियामकीय और अनुपालन संबंधी चिंताओं के बाद आरबीआई ने पहले कई प्रतिबंध लगाए और बाद में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। अब अनुसूचित बैंकों की सूची से नाम हटाए जाने के साथ उसकी बैंकिंग स्थिति में एक और बड़ा बदलाव हुआ है।

क्या होता है Scheduled Bank?

भारत में Scheduled Bank उन बैंकों को कहा जाता है जिनका नाम भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची (Second Schedule) में शामिल होता है। इस सूची में शामिल बैंकों को केंद्रीय बैंक की ओर से निर्धारित कुछ वित्तीय और नियामकीय मानकों को पूरा करना होता है। अनुसूचित बैंक का दर्जा मिलने पर बैंकों को कुछ विशेष परिचालन सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं। इसलिए किसी बैंक का इस सूची से बाहर होना उसकी नियामकीय स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जाता है।

अप्रैल में रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण चरण तब आया, जब आरबीआई ने अप्रैल में उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक के अनुसार, बैंक के कामकाज में ऐसी कमियां और अनुपालन संबंधी समस्याएं थीं, जिन्हें गंभीर माना गया। आरबीआई ने लाइसेंस रद्द करने के दौरान यह भी कहा था कि बैंक की गतिविधियां उसके हितों के साथ-साथ जमाकर्ताओं के हितों के लिए भी प्रतिकूल थीं। इसके बाद इस फैसले से संबंधित अधिसूचना 31 जुलाई को प्रकाशित की गई और बाद में इसे भारत के राजपत्र (Gazette of India) में भी प्रकाशित किया गया।

2022 में शुरू हुई थी बड़ी कार्रवाई

पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ आरबीआई की सख्ती नई नहीं थी। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने बैंक को नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था। यह फैसला बैंक में सामने आई महत्वपूर्ण पर्यवेक्षी चिंताओं (Supervisory Concerns) के बाद लिया गया था। आरबीआई ने बैंक को अपनी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) प्रणाली का व्यापक ऑडिट कराने के लिए एक स्वतंत्र IT ऑडिट फर्म नियुक्त करने का निर्देश भी दिया था। इसका उद्देश्य बैंक की तकनीकी और संचालन व्यवस्था की समीक्षा करना था।

नियामकीय चिंताओं के समाधान में पर्याप्त सुधार नहीं होने के बाद आरबीआई ने जनवरी 2024 और फरवरी 2024 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कारोबार संबंधी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के तहत मौजूदा ग्राहकों के खातों, प्रीपेड उपकरणों और वॉलेट में नई जमा, क्रेडिट या टॉप-अप की अनुमति पर रोक लगाई गई थी। इस कार्रवाई ने पेटीएम के बैंकिंग कारोबार को गंभीर रूप से प्रभावित किया और कंपनी के पेमेंट्स बैंक संचालन के भविष्य पर सवाल खड़े हुए।

लाइसेंस रद्द होने के बाद अब क्या बदला?

बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब सामान्य बैंकिंग गतिविधियां करने की स्थिति में नहीं है। अब उसे Scheduled Banks की सूची से भी हटा दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि PPBL अब RBI Act, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक नहीं रहा। इसके साथ उसे अनुसूचित बैंक के रूप में मिलने वाली विशेष सुविधाएं और परिचालन अधिकार भी उपलब्ध नहीं रहेंगे।

Leave a comment