लोक गायिका मालिनी अवस्थी को मेरठ की यूनिवर्सिटी में Professor of Practice के पद पर नियुक्त किया गया है। इस पद के जरिए बिना PhD या NET डिग्री वाले पेशेवर भी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बन सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ वास्तविक दुनिया का व्यावहारिक अनुभव देना है। यह पहल शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Professor of Practice: मेरठ की यूनिवर्सिटी ने लोक गायिका मालिनी अवस्थी को Professor of Practice के रूप में नियुक्त किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब अनुभव भी शिक्षा में महत्व रखता है। यह पद 2026 में पेश किया गया है और इसका मकसद छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ वास्तविक दुनिया के व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना है। इस पहल के तहत ऐसे पेशेवर जिन्हें PhD या NET जैसी पारंपरिक डिग्री नहीं है, उन्हें भी प्रोफेसर बनने का अवसर मिलेगा, जिससे शिक्षा और उद्योग के बीच प्रभावी तालमेल बनेगा।
बिन PhD भी बन सकते हैं प्रोफेसर
आज के शैक्षिक परिदृश्य में अनुभव को भी महत्व दिया जाने लगा है। हाल ही में लोक गायिका मालिनी अवस्थी को मेरठ की यूनिवर्सिटी में Professor of Practice के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पद उन विशेषज्ञों के लिए है जिन्होंने अपने क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया हो और व्यावहारिक अनुभव हासिल किया हो। इससे छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि असली दुनिया के अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा।
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मालिनी अवस्थी बनीं नई मिसाल
मालिनी अवस्थी ने लोक संगीत में अपनी अलग पहचान बनाई है और देश-विदेश में अपनी कला का लोहा मनवाया है। उनकी नियुक्ति से छात्रों को मंच पर काम करने का अनुभव मिलेगा, जिससे पढ़ाई और ज्यादा प्रैक्टिकल और रोचक बनेगी। इस कदम से यह संदेश भी जाता है कि विश्वविद्यालय अब केवल पारंपरिक डिग्रियों पर भरोसा नहीं करेंगे, बल्कि वास्तविक अनुभव को प्राथमिकता देंगे।
उनकी यह नियुक्ति खास तौर पर उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है जो अपने करियर में व्यावहारिक दक्षता और अनुभव को महत्व देते हैं। इससे उन्हें ऐसे विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलेगा, जिन्होंने अपने क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है।
Professor of Practice क्या है?
Professor of Practice पद उन पेशेवरों के लिए बनाया गया है जिनके पास PhD या NET जैसी पारंपरिक योग्यता न हो, लेकिन उन्होंने अपने क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव हासिल किया हो। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को असली दुनिया से जोड़ना और उन्हें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान प्रदान करना है।
इस पद के जरिए विश्वविद्यालय छात्रों को ऐसे मेंटर उपलब्ध कराएंगे, जो उद्योग, कला, संगीत और अन्य क्षेत्रों में माहिर हों। इससे पढ़ाई का स्तर बढ़ेगा और छात्रों को अपने करियर में जल्दी और प्रभावी अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा।








