समस्तीपुर में PM Awas Yojana-Gramin के लाभार्थी चयन प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। अब ग्रामसभा में प्रारूप सूची सार्वजनिक होगी, शिकायतों और भौतिक सत्यापन के बाद अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार होगी, जिसका प्रकाशन 31 अक्टूबर को किया जाएगा।
समस्तीपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान पाने की उम्मीद लगाए परिवारों के लिए चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। सर्वे सूची में नाम शामिल होना अब योजना का लाभ मिलने की अंतिम गारंटी नहीं होगा। पंचायत स्तर पर ग्रामसभा में प्रारूप सूची सार्वजनिक की जाएगी और पात्रता पर मिलने वाली आपत्तियों की जांच व भौतिक सत्यापन के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।|
ग्रामसभा में सार्वजनिक होगी लाभार्थियों की प्रारूप सूची
समस्तीपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, पंचायत स्तर पर आयोजित ग्रामसभा में आवास लाभार्थियों की प्रारूप सूची सार्वजनिक की जाएगी। ग्रामीणों को सूची देखने और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी होने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

अगर किसी पात्र परिवार का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण अपनी शिकायत पंचायत, प्रखंड या जिला स्तर पर जमा कर सकेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बनाए रखना है।
शिकायतों के सत्यापन के बाद तैयार होगी अंतिम सूची
प्रारूप सूची सार्वजनिक होने के बाद प्राप्त दावे और आपत्तियों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित परिवारों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। जांच और सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों की अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवास सर्वे में नाम दर्ज होना अपने आप में योजना का लाभ मिलने की अंतिम गारंटी नहीं है। पात्रता और अन्य निर्धारित मानकों की जांच के बाद ही परिवार को अंतिम सूची में जगह मिलेगी।
'आवास प्लस-2024' के तहत जिले में पांच लाख से अधिक परिवारों का सर्वे किया गया था। प्रारंभिक जांच के दौरान ही 45 हजार से अधिक लोगों को अयोग्य पाए जाने के बाद सूची से बाहर कर दिया गया है।
30 सितंबर तक भेजी जाएगी अनुमोदित सूची
विभाग के निर्देश के मुताबिक प्रारूप सूची को पंचायत के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रामीण यहां सूची देखकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद ग्रामसभा में सूची पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
ग्रामसभा से अनुमोदित सूची को 30 सितंबर तक संबंधित प्रखंड कार्यालय भेजना होगा। इसके बाद प्रखंड स्तर से सूची जिला स्तरीय कमिटी के पास भेजी जाएगी।
अगर कोई परिवार ग्रामसभा के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे जिला स्तरीय अपीलीय कमिटी के सामने अपनी शिकायत रखने का अवसर मिलेगा। अपीलीय कमिटी को ऐसी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से 15 दिनों के भीतर निपटारा करना होगा।
31 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम प्राथमिकता सूची
दावा-आपत्ति, जांच, भौतिक सत्यापन और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 'आवास प्लस-2024' की अंतिम प्राथमिकता सूची का आधिकारिक प्रकाशन 31 अक्टूबर को किया जाएगा।
इससे पहले वर्ष 2016 से 2021 तक SECC-2011 और इसके बाद आवास प्लस-2018 के सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों को पक्के मकान का लाभ दिया गया था।
नए सर्वे की क्यों पड़ी जरूरत?
आवास प्लस-2018 की सूची संतृप्त होने के साथ कई योग्य परिवारों के नाम छूट गए थे। इसके अलावा समय के साथ नए परिवारों का गठन भी हुआ। इन कारणों से 'आवास प्लस-2024' के तहत दोबारा सर्वे कराया गया।
अब इसी सर्वे की ग्रामसभा स्तर पर पड़ताल की जाएगी। ऐसे में जिन परिवारों ने आवास योजना के लिए आवेदन किया है, उनके लिए ग्रामसभा में प्रारूप सूची का सार्वजनिक होना महत्वपूर्ण है। ग्रामीण सूची में अपना नाम और पात्रता की स्थिति जांचने के साथ किसी भी आपत्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज करा सकेंगे।











