चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक 48वीं वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसे ‘कौशल का ओलंपिक’ भी कहा जाता है। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की ओर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों से मुलाकात की। 9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। बातचीत में कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक प्रशिक्षण और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी और उनसे भारत में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
शंघाई में आयोजित हुई 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता
48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का आयोजन चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक किया गया था। इसे अक्सर ‘कौशल का ओलंपिक’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें विभिन्न देशों और क्षेत्रों के युवा पेशेवर अपने तकनीकी और व्यावसायिक कौशल का प्रदर्शन करते हैं। इस प्रतियोगिता में भारत की टीम ने विभिन्न कौशल श्रेणियों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों की व्यावहारिक क्षमताओं, तकनीकी दक्षता और पेशेवर कार्यकुशलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखना है।
भारत लौटने के बाद प्रतिभागिIPL 2027 से पहले CSK को झटका, दिग्गज ने 8 साल बाद छोड़ी टीम
IPL 2027: आईपीएल 2027 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स को एक और बड़ा झटका लगा है. दिग्गज खिलाड़ी ने करीब 8 साल बाद CSK का साथ छोड़ दिया है.यों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, सॉफ्टवेयर और काम करने के उन्नत तरीकों को सीखने से जुड़ी जानकारी भी साझा की।
पीएम मोदी ने प्रतिभागियों को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले युवाओं की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों को कौशल विकास का दूत बनने और अपने अनुभवों को अन्य युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान व्यावहारिक कौशल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार और पेशेवर जीवन में केवल अकादमिक डिग्री ही नहीं, बल्कि काम करने की वास्तविक क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।
तेजी से बदलती तकनीक के दौर में युवाओं को लगातार नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप अपने कौशल विकसित करें और नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहें।
IIT और IIM की तरह कौशल प्रशिक्षण संस्थान भी महत्वपूर्ण

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने कौशल विकास के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने के पीछे सरकार के उद्देश्य को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कम नहीं है। इस संदेश का प्रमुख उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण को युवाओं के बीच अधिक महत्व दिलाना है। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकती है।
प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से अपने अनुभवों और सुझावों को सरकार के साथ साझा करने का भी आग्रह किया। इससे देश में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यप्रणालियों को अपनाने में मदद मिल सकती है।
आधुनिक तकनीक के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर
आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल तकनीक और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए नए कौशल सीखना और अपनी मौजूदा क्षमताओं को लगातार अपडेट करना जरूरी होता जा रहा है। वर्ल्डस्किल्स जैसी प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, नई तकनीकों और विभिन्न देशों में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणालियों से परिचित होने का अवसर देती हैं।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले युवाओं के अनुभव भारत के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा रोजगार के लिए जरूरी कौशल की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है।
वर्ल्डस्किल्स में भारत का प्रदर्शन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने 10वां स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने छह सिल्वर मेडल और 20 ‘मेडल फॉर एक्सीलेंस’ प्राप्त किए। टीम के 70 प्रतिभागियों ने 63 कौशल श्रेणियों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रदर्शन तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में भारतीय युवाओं की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करता है। प्रतियोगिता में भागीदारी से युवाओं को अपनी विशेषज्ञता दिखाने के साथ-साथ अन्य देशों के प्रतिभागियों से सीखने का अवसर भी मिलता है।











