नई दिल्ली में 23 अगस्त को PM मोदी ने 20 भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के प्रमुखों से मुलाकात की। उन्होंने भारत को ग्लोबल टैलेंट, कंपनियों और निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनाने वाला मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया।
Tech: PM मोदी ने 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के मौके पर भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स से देश को ग्लोबल टैलेंट और निवेश के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बनाने की अपील की। उन्होंने 20 स्पेस स्टार्टअप्स के CEO और फाउंडर्स के साथ बातचीत में ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया, जहां दुनिया भर के प्रोफेशनल्स और निवेशक भारत में अवसर तलाश सकें।
भारत को ग्लोबल स्पेस हब बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 20 भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के CEO और फाउंडर्स से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर को मजबूत बनाने और देश को ग्लोबल टैलेंट, कंपनियों और निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनाने पर जोर दिया।

PM मोदी ने कहा कि भारत में ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए, जिससे स्पेस सेक्टर में करियर बनाने और नई कंपनियां शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोग देश की ओर आकर्षित हों। उन्होंने ऐसे इकोसिस्टम की जरूरत बताई, जो भारत की स्पेस इकोनॉमी को वैश्विक स्तर पर मजबूती दे सके।
स्पेस सेक्टर को दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने की अपील
प्रधानमंत्री ने स्पेस स्टार्टअप्स से केवल अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीकों और उनके इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उन्होंने कृषि, पशुपालन और डेयरी जैसे क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।
स्पेस टेक्नोलॉजी के जरिए इन क्षेत्रों में बेहतर निगरानी, डेटा और निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जा सकती है। PM मोदी ने पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सके।
नेशनल स्पेस डे पर स्टार्टअप्स से संवाद
भारत 23 अगस्त को तीसरा नेशनल स्पेस डे मना रहा है। यह दिन 2023 में चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग की याद में मनाया जाता है। 23 अगस्त 2023 को भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में सफलतापूर्वक उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना था।
नेशनल स्पेस डे के मौके पर PM मोदी की स्पेस स्टार्टअप्स के साथ बैठक ऐसे समय हुई है, जब भारत अपने स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि भारत को सिर्फ स्पेस मिशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट का केंद्र नहीं, बल्कि दुनिया भर के टैलेंट और निवेश के लिए भी पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाया जाए। इससे भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने और विभिन्न क्षेत्रों में स्पेस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के नए अवसर मिल सकते हैं।











