विश्व चैंपियन डी गुकेश ने प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के पहले दौर में अमेरिका के हैंस मोके नीमन के साथ ड्रॉ खेला। सफेद मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मिडिल गेम में कुछ तनावपूर्ण क्षणों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने संतुलन बनाए रखते हुए मुकाबला बराबरी पर समाप्त किया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में आयोजित प्राग इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल 2026 के मास्टर्स वर्ग में विश्व चैंपियन डी गुकेश और अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हैंस मोके नीमन के बीच पहला मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मैचों में से एक था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने उच्च स्तर की रणनीति और मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया।
भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश सफेद मोहरों के साथ खेल रहे थे, जबकि नीमन ने मजबूत और विश्वसनीय मानी जाने वाली बर्लिन डिफेंस रणनीति अपनाई। शुरुआत से ही यह स्पष्ट हो गया कि दोनों खिलाड़ी आक्रामक और प्रतिस्पर्धात्मक खेल के मूड में हैं।
नीमन का आक्रामक खेल, 13वीं चाल पर मोहरे का बलिदान
मैच का सबसे महत्वपूर्ण क्षण 13वीं चाल पर आया, जब हैंस नीमन ने एक मोहरे का बलिदान देकर आक्रामक रणनीति अपनाई। इस अप्रत्याशित चाल ने मैच का संतुलन बदल दिया और सफेद मोहरों के साथ खेल रहे गुकेश को रक्षात्मक स्थिति में जाने के लिए मजबूर कर दिया। नीमन ने इसके बाद बोर्ड पर दबाव बनाए रखने की कोशिश की और लगातार आक्रामक चालें चलकर बढ़त हासिल करने का प्रयास किया। हालांकि, विश्व चैंपियन गुकेश ने शानदार संयम और सटीक रणनीतिक समझ का परिचय दिया।
उन्होंने मिडिल गेम में जटिल स्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया और धीरे-धीरे स्थिति को संतुलित कर लिया। अंततः दोनों खिलाड़ियों ने एक संतुलित स्थिति में पहुंचकर ड्रॉ पर सहमति जताई, जिससे मुकाबला बिना किसी निर्णायक परिणाम के समाप्त हुआ, लेकिन दर्शकों को उच्च स्तरीय शतरंज का रोमांचक अनुभव मिला।

अन्य मुकाबलों में सफेद मोहरों के खिलाड़ियों का दबदबा
मास्टर्स वर्ग के पहले दौर में अधिकांश मुकाबलों में सफेद मोहरों से खेलने वाले खिलाड़ियों को सफलता मिली। हालांकि, भारत के मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन अरविंद चिदंबरम को काले मोहरों के साथ खेलते हुए उज्बेकिस्तान के शीर्ष ग्रैंडमास्टर नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक याकुब्बोएव ने स्पेन के डेविड एंटोन गुज्जारो को हराकर मजबूत शुरुआत की। वहीं, चेक गणराज्य के अनुभवी खिलाड़ी डेविड नवारा ने ईरान के परहम मगसूदलू को पराजित कर घरेलू दर्शकों को उत्साहित किया।
इन परिणामों से टूर्नामेंट की शुरुआत से ही प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहद ऊंचा दिखाई दे रहा है, जिसमें विश्व के शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स खिताब के लिए कड़ी टक्कर दे रहे हैं। चैलेंजर्स वर्ग में भारत की महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हंगरी के शीर्ष वरीय खिलाड़ी बेंजामिन ग्लेडुरा के साथ ड्रॉ खेला। यह परिणाम दिव्या के लिए सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने उच्च रेटिंग वाले खिलाड़ी के खिलाफ संतुलित और आत्मविश्वासपूर्ण खेल दिखाया।
हालांकि, अनुभवी भारतीय ग्रैंडमास्टर सूर्य शेखर गांगुली को नीदरलैंड के थॉमस बीर्डसेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह हार भारतीय खेमे के लिए निराशाजनक रही, लेकिन टूर्नामेंट अभी शुरुआती चरण में है और आगे कई मुकाबले बाकी हैं।











