उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किसानों, व्यापारियों और स्थानीय कारोबारियों के लिए हवाई माल ढुलाई की सुविधा शुरू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। प्रयागराज एयरपोर्ट पर जल्द कार्गो टर्मिनल शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दिया है। मंत्रालय से मंजूरी और सुरक्षा संबंधी आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद टर्मिनल को विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस सुविधा के शुरू होने से प्रयागराज और आसपास के जिलों के कृषि उत्पादों, स्थानीय उद्योगों और व्यापारिक सामान को दूसरे शहरों तक पहुंचाने का एक नया विकल्प मिल सकता है।
इस योजना की खास बात यह है कि कार्गो टर्मिनल के लिए अलग से नई इमारत बनाने के बजाय एयरपोर्ट की पुरानी यात्री टर्मिनल बिल्डिंग का इस्तेमाल करने की तैयारी है। वर्तमान में जिस पुरानी इमारत का उपयोग यात्रियों के आवागमन के लिए किया जा रहा है, उसे माल ढुलाई के लिए तैयार करने की योजना बनाई गई है। वहीं, महाकुंभ के दौरान विस्तार करके तैयार की गई नई और आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का इस्तेमाल यात्रियों की आवाजाही के लिए किया जाएगा। इससे एयरपोर्ट पर उपलब्ध बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल सकती है।
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, पुरानी इमारत को कार्गो कॉम्प्लेक्स में बदलने से नई जमीन तलाशने और बड़े निर्माण कार्य पर होने वाले खर्च को कम किया जा सकता है। वहां पहले से मौजूद सड़क संपर्क, पार्किंग और एयरपोर्ट के दूसरे बुनियादी ढांचे का उपयोग माल ढुलाई से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। हालांकि, पुरानी बिल्डिंग को कार्गो संचालन के अनुकूल बनाने के लिए जरूरी तकनीकी बदलाव, सुरक्षा उपकरण और अन्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। प्रस्ताव को मंत्रालय की मंजूरी मिलने और संबंधित मानकों को पूरा करने के बाद ही वास्तविक संचालन की दिशा स्पष्ट होगी।
प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में कृषि उत्पादों की अच्छी विविधता है। कौशांबी और प्रयागराज का अमरूद, प्रतापगढ़ का आंवला तथा आसपास के इलाकों में पैदा होने वाली सब्जियां ऐसे उत्पाद हैं, जिन्हें दूसरे शहरों में भी बाजार मिल सकता है। अभी इन उत्पादों को दूर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए सड़क और अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। कार्गो टर्मिनल उपलब्ध होने पर उपयुक्त उड़ानों और माल ढुलाई सेवाओं के जरिए इन्हें बड़े शहरों तक तेजी से भेजने की संभावना बनेगी। इससे विशेष रूप से उन उत्पादों को फायदा हो सकता है, जिन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना मुश्किल होता है।
किसानों के लिए किसी नई परिवहन सुविधा का लाभ तभी प्रभावी होता है, जब उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री की पूरी व्यवस्था उसके साथ जुड़ी हो। फल और सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को हवाई मार्ग से भेजने के लिए तापमान नियंत्रित भंडारण, गुणवत्ता की जांच, सुरक्षित पैकिंग और समय पर विमान तक पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी होती है। प्रस्तावित कार्गो टर्मिनल में ऐसी सुविधाएं विकसित किए जाने की जरूरत होगी। यदि इन व्यवस्थाओं को पर्याप्त रूप से तैयार किया जाता है, तो किसानों और कृषि कारोबारियों के लिए दूरस्थ बाजारों तक पहुंच बनाना आसान हो सकता है।
प्रयागराज के प्रसिद्ध अमरूद को बड़े शहरों तक पहुंचाने की संभावना इस परियोजना का महत्वपूर्ण पहलू है। स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले फल को दूसरे राज्यों के बाजारों में भेजने के लिए समय और परिवहन लागत दोनों का ध्यान रखना पड़ता है। लंबी दूरी तक सड़क से माल पहुंचाने में अधिक समय लग सकता है, जबकि हवाई माल ढुलाई से यात्रा का समय घटाने की संभावना रहती है। हालांकि, हवाई परिवहन की लागत सड़क परिवहन से अधिक भी हो सकती है। इसलिए किसानों के लिए इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार में उत्पाद का भाव कितना मिलता है, माल की मात्रा कितनी है और ढुलाई का खर्च कितना पड़ता है।
प्रतापगढ़ का आंवला और आसपास के इलाकों की अन्य कृषि उपज भी इस सुविधा से लाभ पाने वाले उत्पादों में शामिल हो सकती है। कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार तक पहुंचाने के लिए किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, थोक कारोबारियों और परिवहन कंपनियों के बीच समन्वय जरूरी होगा। कार्गो टर्मिनल शुरू होने के बाद यदि माल की नियमित बुकिंग, पैकेजिंग और समयबद्ध परिवहन की व्यवस्था बनती है, तो स्थानीय कृषि कारोबार को नए अवसर मिल सकते हैं। इससे किसानों को केवल स्थानीय मंडियों पर निर्भर रहने के बजाय अन्य शहरों में खरीदार तलाशने का विकल्प भी मिल सकता है।
इस परियोजना का लाभ केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, प्रिंटिंग और दूसरे कारोबार भी मौजूद हैं। भदोही के कालीन तथा क्षेत्र में तैयार होने वाले हस्तशिल्प उत्पादों को दूसरे शहरों में भेजने के लिए तेज और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। छोटे कारोबारी भी अपने ग्राहकों तक सामान पहुंचाने के लिए माल ढुलाई की बेहतर सुविधा चाहते हैं। कार्गो टर्मिनल बनने से ऐसे व्यवसायों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है, बशर्ते उनकी जरूरतों के अनुरूप सेवाएं और शुल्क उपलब्ध हों।
ई-कॉमर्स और कूरियर सेवाओं के लिए भी एयर कार्गो सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है। ऑनलाइन खरीदारी का दायरा बढ़ने के साथ पार्सल और व्यावसायिक सामान को तेजी से एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाने की मांग भी बढ़ती है। स्थानीय स्तर पर कार्गो संचालन की व्यवस्था होने से माल को दूर स्थित एयरपोर्ट तक सड़क मार्ग से ले जाने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है। इससे परिवहन के चरणों और समय का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकता है। हालांकि, डिलीवरी की गति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि संबंधित शहरों के बीच नियमित उड़ानें, माल की बुकिंग और अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने की सेवाएं कैसी हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी हवाई माल ढुलाई उपयोगी हो सकती है। कुछ दवाओं, टीकों और चिकित्सा नमूनों को सुरक्षित तापमान पर निर्धारित समय के भीतर पहुंचाना आवश्यक होता है। ऐसे सामान की ढुलाई के लिए विशेष पैकेजिंग, तापमान की निगरानी और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि प्रयागराज एयरपोर्ट पर प्रस्तावित कार्गो सुविधा में आवश्यक कोल्ड-चेन व्यवस्था और सुरक्षित हैंडलिंग विकसित की जाती है, तो चिकित्सा सामग्री की आवाजाही के लिए भी विकल्प बढ़ सकते हैं। यह सुविधा तभी प्रभावी होगी, जब संबंधित तकनीकी और नियामकीय मानकों को पूरा किया जाएगा।
कार्गो टर्मिनल के संचालन के लिए कई तकनीकी व्यवस्थाएं तैयार करनी होंगी। बड़े पार्सल और माल की सुरक्षा जांच के लिए उपयुक्त स्कैनर, वजन मापने के उपकरण, माल उठाने और स्थानांतरित करने वाली मशीनें तथा सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था आवश्यक होगी। इसके साथ पूरे परिसर में निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होगी। विशेष प्रकृति के सामान को संभालने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई या ट्रांजिट कार्गो की सुविधा विकसित करने की योजना बनती है, तो उससे संबंधित अतिरिक्त प्रक्रियाओं और अनुमतियों की जरूरत भी पड़ सकती है।
एयरपोर्ट निदेशक गणेश यादव के अनुसार, कार्गो टर्मिनल शुरू करने का विस्तृत प्रस्ताव नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दिया गया है। आवश्यक स्वीकृतियां और सुरक्षा मानकों की मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी बदलाव कर माल ढुलाई शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे साफ है कि फिलहाल परियोजना प्रस्ताव और मंजूरी की प्रक्रिया में है। टर्मिनल के संचालन की निश्चित तारीख, कार्गो क्षमता, शुल्क और उपलब्ध सेवाओं का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है। इसलिए किसानों और कारोबारियों को वास्तविक सुविधा मिलने की समयसीमा के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल शुरू होने की योजना क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हवाई माल ढुलाई के लिए भंडारण, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाओं की जरूरत पड़ती है। इन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनने की संभावना रहती है। हालांकि, कितनी नौकरियां पैदा होंगी, इसका कोई पुष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। रोजगार पर वास्तविक असर टर्मिनल की क्षमता, माल की मात्रा और उससे जुड़ी कंपनियों की गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
प्रयागराज का एयरपोर्ट धार्मिक पर्यटन, प्रशासनिक गतिविधियों और क्षेत्रीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। महाकुंभ के दौरान एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया था। अब पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को कार्गो के लिए उपयोग करने की योजना उस बुनियादी ढांचे का अलग उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास है। इससे एक ओर यात्रियों के लिए नई इमारत का उपयोग किया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर माल ढुलाई के लिए अलग व्यवस्था तैयार करने का अवसर मिलेगा। परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों गतिविधियों के बीच सुरक्षा, संचालन और संसाधनों का तालमेल किस तरह बनाया जाता है।
क्षेत्र के किसानों और कारोबारियों को इस परियोजना से सबसे अधिक लाभ तब मिल सकता है, जब उन्हें नियमित कार्गो सेवाएं, उचित शुल्क, समयबद्ध परिवहन और माल की सुरक्षा की सुविधा मिले। कृषि उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज तथा पैकेजिंग व्यवस्था और स्थानीय व्यापारियों के लिए आसान बुकिंग प्रक्रिया भी अहम होगी। इसके साथ बाजार में खरीदारों की उपलब्धता और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी रहेगा। केवल टर्मिनल का निर्माण या संचालन शुरू होना अपने आप में अधिक कमाई की गारंटी नहीं है, लेकिन इससे व्यापार के लिए एक नया परिवहन विकल्प जरूर उपलब्ध हो सकता है।
फिलहाल प्रयागराज एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल की योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को माल ढुलाई के अनुकूल बनाने और जरूरी सुरक्षा व तकनीकी सुविधाएं विकसित करने का काम किया जाएगा। इसके शुरू होने पर प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के किसानों तथा कारोबारियों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने का एक अतिरिक्त रास्ता मिल सकता है। अब सभी की नजर मंत्रालय की मंजूरी, तैयारियों की समयसीमा और कार्गो संचालन शुरू होने की आधिकारिक घोषणा पर रहेगी।










