अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में सर सैयद दिवस समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 17 अक्टूबर को आयोजित होने वाले समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जस्टिस मसीह का इस विश्वविद्यालय से खास शैक्षणिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से विज्ञान और कानून की पढ़ाई की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने एएमयू के मिंटो सर्किल के नाम से प्रसिद्ध सैफुद्दीन ताहिर हाई स्कूल से हाईस्कूल की शिक्षा भी प्राप्त की थी। ऐसे में सर सैयद दिवस के अवसर पर उनकी मौजूदगी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
एएमयू में हर वर्ष 17 अक्टूबर को संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती के अवसर पर सर सैयद दिवस मनाया जाता है। यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास, शैक्षणिक परंपरा और संस्थापक के विचारों को याद करने का अवसर होता है। इस दिन विश्वविद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और शिक्षा, शोध, सामाजिक सुधार तथा ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में सर सैयद की भूमिका पर चर्चा होती है। इस बार समारोह में देश की न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व की उपस्थिति कार्यक्रम को विशेष महत्व देगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल गुलिस्तान-ए-सैयद में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। परिसर की इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाने की योजना है। समारोह को लेकर विद्यार्थियों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों में उत्साह रहने की उम्मीद है।
जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह का शैक्षणिक और न्यायिक सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा है। उनका जन्म 12 मार्च 1963 को पंजाब के रोपड़ में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद वे अलीगढ़ पहुंचे और यहां सैफुद्दीन ताहिर हाई स्कूल, जिसे मिंटो सर्किल के नाम से भी जाना जाता है, से स्कूली शिक्षा पूरी की। स्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा हासिल की। एएमयू से उन्होंने विज्ञान में स्नातक ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद कानून की पढ़ाई करते हुए एलएलबी ऑनर्स की उपाधि हासिल की। इस तरह विज्ञान और कानून, दोनों विषयों में उनकी शिक्षा का संबंध इसी विश्वविद्यालय से रहा।
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद जस्टिस मसीह ने न्यायिक क्षेत्र में अपनी पेशेवर यात्रा की शुरुआत की। छह जून 1987 को उनका पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण हुआ। वकालत के दौरान उन्होंने संवैधानिक मामलों, सेवा संबंधी विवादों, श्रम कानून और दीवानी मामलों में काम किया। इन क्षेत्रों में अनुभव हासिल करने के साथ उन्होंने विभिन्न न्यायिक मंचों पर पक्ष रखा। उनकी पेशेवर यात्रा में पंजाब के महाधिवक्ता कार्यालय में निभाई गई जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण रहीं। उन्होंने सहायक महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सेवाएं दीं। इन पदों पर काम करने के दौरान सरकारी पक्ष से जुड़े कानूनी मामलों और न्यायिक प्रक्रियाओं का अनुभव प्राप्त हुआ।
जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह को 10 जुलाई 2008 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में 14 जनवरी 2011 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल के बाद उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने 30 मई 2023 को राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद नौ नवंबर 2023 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया। इस प्रकार उनका सफर अधिवक्ता के रूप में शुरुआत करने से लेकर हाई कोर्ट और फिर देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा। 17 अक्टूबर को एएमयू में होने वाला समारोह उनके इसी लंबे शैक्षणिक और न्यायिक सफर को विश्वविद्यालय से जोड़ने का अवसर भी होगा।
सर सैयद दिवस समारोह में जस्टिस मसीह के अलावा अन्य प्रमुख अतिथि भी शामिल होंगे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सत्य वीर सिंह और इंडियन नेवल एकेडमी, एझिमाला के प्रिंसिपल रियर एडमिरल उरोज अथर सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। गुजरात स्थित केपी ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. फारुक जी. पटेल को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय, अमेरिका के प्रोफेसर हुसैन नस्र भी समारोह में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी, जबकि कुलसचिव प्रोफेसर आसिम जफर स्वागत भाषण देंगे। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन अतिथियों की उपस्थिति समारोह को शैक्षणिक, न्यायिक और संस्थागत दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाएगी।
इस वर्ष सर सैयद दिवस के अवसर पर सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार भी समारोह का एक अहम हिस्सा होंगे। एएमयू ने वर्ष 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार प्रमुख इस्लामी दार्शनिक एवं विद्वान प्रोफेसर हुसैन नस्र को देने की घोषणा की है। राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित ख्वाजा बंदानवाज एजुकेशनल सोसायटी को दिया जाएगा। पुरस्कारों के माध्यम से शिक्षा और समाज के क्षेत्र में योगदान को सम्मानित किया जाता है। समारोह में सम्मानित होने वाले अतिथियों, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी कार्यक्रम को विशेष बनाएगी।
सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को समाज में जागरूकता और बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम माना था। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के प्रसार और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने के लिए काम किया। उनके प्रयासों से स्थापित शैक्षणिक परंपरा आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुई। सर सैयद दिवस पर विश्वविद्यालय उनके विचारों और योगदान को याद करता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम केवल संस्थापक की जयंती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शिक्षा के महत्व, ज्ञान के प्रसार और समाज के विकास में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर विचार करने का मंच भी बनता है।
जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह का इस समारोह का मुख्य अतिथि बनना इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उनकी शिक्षा की नींव एएमयू परिसर से जुड़ी रही है। मिंटो सर्किल में स्कूली शिक्षा और विश्वविद्यालय से विज्ञान तथा कानून की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में लंबा सफर तय किया। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद उनका उसी संस्थान के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए प्रेरक प्रसंग बन सकता है। हालांकि समारोह में उनके संबोधन के विषय और उसमें कही जाने वाली बातों का विस्तृत विवरण कार्यक्रम से पहले स्पष्ट नहीं है।
एएमयू प्रशासन के लिए 17 अक्टूबर का आयोजन संस्थापक की विरासत को याद करने के साथ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के संबंध को सामने लाने का अवसर भी है। समारोह में न्यायपालिका, शिक्षा, रक्षा और उद्योग जगत से जुड़े लोगों की भागीदारी निर्धारित है। गुलिस्तान-ए-सैयद में होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों के बीच परिसर को सजाने और अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। अब सभी की नजर 17 अक्टूबर को होने वाले समारोह पर है, जिसमें जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और एएमयू के साथ अपने पुराने शैक्षणिक संबंध को एक बार फिर साझा मंच पर सामने लाएंगे।








