कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि युद्ध के मुद्दे पर राजनीति करना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि खाड़ी में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सरकार का क्या प्लान है और किन कदमों की तैयारी की जा रही है।
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति करना देशहित में नहीं है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस समय एकजुट रहें और इस मामले में राजनीति के बजाय समाधान पर ध्यान दें।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जोर देकर कहा कि संसद में इस संकट पर विस्तृत और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि अगर सभी पार्टियां मिलकर विचार-विमर्श करें, तो समस्या का समाधान आसानी से निकल सकता है और देश एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर सकता है।
एलपीजी कीमतों पर भी जताई चिंता
प्रियंका गांधी ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं। उनका कहना था कि महंगाई का सबसे बड़ा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "रसोई गैस का हर सिलेंडर महंगा होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है।
सरकार को इस पर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो। प्रियंका गांधी का यह बयान उन परिवारों के लिए राहत देने का संदेश है जो बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं।
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संसद में सार्थक चर्चा की मांग
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि न केवल पश्चिम एशिया संकट, बल्कि घरेलू मुद्दों जैसे एलपीजी कीमतें और महंगाई भी संसद में चर्चा के योग्य हैं। उनका कहना था कि सभी दल मिलकर समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने कहा, "देश के सामने खड़ी समस्याओं का हल निकालने के लिए संसद में सार्थक और खुली बहस जरूरी है। राजनीति के लिए गंभीर मुद्दों का इस्तेमाल करना देश हित में नहीं है। हमें जनता के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।"
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि वर्तमान संकट और घरेलू समस्याओं में समाधान तभी संभव है जब सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर काम करें। उनका मानना है कि केवल आपसी मतभेद और राजनीतिक रोटियां सेकने से समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण रखें। उनका कहना था कि एकजुटता और समझदारी के साथ ही देश बाहरी और आंतरिक चुनौतियों से निपट सकता है।










