पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की बड़ी रैली, तमिलनाडु में राहुल का प्रचार

पश्चिम बंगाल चुनाव नरेंद्र मोदी आज सिलीगुड़ी मे चुनावी सभा करेंगे। 23 अप्रैल को पहले चरण मे 3.6 करोड़ वोटर मतदान करेंगे। राहुल गांधी तमिलनाडु में रोड शो करेंगे।

नरेंद्र मोदी आज सिलीगुड़ी में भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। 23 अप्रैल को पहले चरण में 3.6 करोड़ वोटर मतदान करेंगे। वहीं राहुल गांधी तमिलनाडु में चुनावी रोड शो करेंगे।

कोलकाता; चेन्नई: West Bengal और Tamil Nadu में विधानसभा चुनावों से पहले रविवार को चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। Narendra Modi पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भाजपा की बड़ी चुनावी सभा को संबोधित करेंगे, जबकि Rahul Gandhi तमिलनाडु में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के समर्थन में प्रचार अभियान में उतरेंगे।

यह दिन दोनों राज्यों के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि एक ओर भाजपा उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) तमिलनाडु में गठबंधन को और मजबूती देने की कोशिश में हैं।

सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की ‘विजय संकल्प सभा

प्रधानमंत्री Narendra Modi रविवार दोपहर सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे। भाजपा के लिए यह रैली रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके जरिए पार्टी उत्तर बंगाल के दो अहम जिलों—दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी—में चुनावी संदेश देना चाहती है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, इस सभा में दार्जिलिंग जिले की सभी पांच और जलपाईगुड़ी जिले की सातों विधानसभा सीटों के उम्मीदवार मौजूद रहेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि मोदी की रैली से इन इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और वोटरों तक सीधा संदेश जाएगा।

इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के कटवा, जंगीपुर और कुशमंडी में रैलियां कीं। देर शाम उन्होंने सिलीगुड़ी पहुंचकर रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

उत्तर बंगाल क्यों है भाजपा के लिए अहम?

उत्तर बंगाल लंबे समय से भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। खासकर Siliguri, दार्जिलिंग और डूअर्स बेल्ट में पार्टी ने पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था।

दार्जिलिंग: भाजपा का मजबूत गढ़

Darjeeling district की सभी पांच सीटों पर फिलहाल भाजपा का प्रभाव है। यहां गोरखा पहचान, पहाड़ी स्वायत्तता, पर्यटन, बुनियादी ढांचा और रोजगार प्रमुख मुद्दे हैं।

सिलीगुड़ी जैसे मैदानी इलाकों में शहरी विकास, ट्रैफिक, व्यापार, जलभराव और रोजगार जैसे मुद्दे भी चुनावी विमर्श में हैं।

जलपाईगुड़ी: कड़ा मुकाबला

Jalpaiguri district की सात सीटों पर मुकाबला अपेक्षाकृत ज्यादा दिलचस्प है। यहां राजबंशी, अनुसूचित जनजाति और चाय बागान श्रमिक समुदाय चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं।

भाजपा यहां अपने संगठन और मोदी की लोकप्रियता के दम पर बढ़त चाहती है, जबकि तृणमूल कांग्रेस स्थानीय कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है।

पहले चरण में 3.6 करोड़ वोटर करेंगे मतदान

Election Commission of India के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 16 जिलों में 3.6 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। इनमें लगभग 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिलाएं और तृतीय लिंग के मतदाता भी शामिल हैं।

पहले चरण का मतदान राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है। इस चरण में कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल सीटों पर वोटिंग होगी।

चुनाव आयोग के आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद मतदान प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम कटने के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग का कहना है कि प्रक्रिया नियमानुसार हुई है।

बंगाल में भाजपा बनाम तृणमूल: सियासी हमले तेज

पश्चिम बंगाल में भाजपा और All India Trinamool Congress के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है।

शनिवार की रैलियों में पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और कथित तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल बदलाव चाहता है और भाजपा राज्य में नई शुरुआत करेगी।

वहीं, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee भाजपा पर बंगाली अस्मिता, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में दखल देने के आरोप लगा रही हैं। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि भाजपा बाहरी मुद्दों के जरिए राज्य की राजनीति को प्रभावित करना चाहती है।

तमिलनाडु में राहुल गांधी का रोड शो

दूसरी ओर, Rahul Gandhi रविवार को तमिलनाडु में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान को गति देंगे। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद यह उनका पहला बड़ा तमिलनाडु दौरा माना जा रहा है।

राहुल गांधी चेन्नई पहुंचने के बाद Rajiv Gandhi Memorial, श्रीपेरंबुदूर में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi को श्रद्धांजलि देंगे।

इसके बाद वे श्रीपेरंबुदूर और थूथुकुडी में रोड शो और जनसभाएं करेंगे। थूथुकुडी में उनके साथ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin भी मौजूद रहेंगे।

दक्षिण भारत में गठबंधन की परीक्षा

तमिलनाडु में कांग्रेस, DMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। राहुल गांधी का दौरा गठबंधन कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

तमिलनाडु में चुनावी मुद्दों में सामाजिक न्याय, राज्य अधिकार, केंद्र-राज्य संबंध, महंगाई और रोजगार प्रमुख हैं। राहुल गांधी का फोकस भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता और क्षेत्रीय मुद्दों पर रहने की संभावना है।

चुनावी तस्वीर: हर रैली का बड़ा असर

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो चुका है। बंगाल में भाजपा उत्तर बंगाल से मजबूत शुरुआत चाहती है, जबकि तृणमूल अपनी पकड़ बनाए रखने में जुटी है। तमिलनाडु में गठबंधन राजनीति और क्षेत्रीय नेतृत्व की परीक्षा होगी।

रविवार की रैलियां सिर्फ प्रचार कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन राज्यों में मतदाताओं के मूड को प्रभावित करने वाली अहम राजनीतिक घटनाएं भी मानी जा रही हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि स्टार प्रचारकों की मौजूदगी वोटों में कितना असर डाल पाती है।

Leave a comment