पश्चिम बंगाल चुनाव दूसरे चरण में तनाव, ईवीएम गड़बड़ी से हंगामा; हावड़ा-नादिया में झड़प

बंगाल चुनाव 2026 : बंगाल के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। EVM की खराबी, हंगामा, महिलाओं की लंबी कतारें और कड़े मुकाबले की खबरें सामने आई हैं।

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान जारी है, जहां 142 सीटों पर वोटिंग हो रही है। हावड़ा में EVM खराबी पर हंगामा हुआ, जबकि कई बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जोर-शोर से जारी है। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन कई इलाकों में मतदाता तड़के 5:30 बजे से ही मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। विशेषकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

हालांकि, शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीदों के बीच कुछ स्थानों पर तनाव और विवाद की स्थिति भी सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।

हावड़ा में ईवीएम खराबी पर हंगामा, दो लोग हिरासत में

हावड़ा जिले के बाली क्षेत्र में ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच बहस बढ़ने पर माहौल बिगड़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) ने हस्तक्षेप किया और दो लोगों को हिरासत में लिया।

प्रशासन का कहना है कि मशीनों की जांच कर उन्हें जल्द ही दुरुस्त कर मतदान प्रक्रिया को सुचारु किया गया।

नादिया में भाजपा एजेंट पर हमले का आरोप

नादिया जिले के छपरा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया जब Bharatiya Janata Party (BJP) के एक एजेंट ने तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) के कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया।

हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

पानीहाटी में ईवीएम खराबी का आरोप, कड़ा मुकाबला जारी

पानीहाटी विधानसभा सीट पर भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है। भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने मतदान प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का आरोप लगाया है।

यह सीट इस बार खास चर्चा में है क्योंकि यहां मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस क्षेत्र में भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच बहुकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है।

भवानीपुर सीट पर हाई-प्रोफाइल मुकाबला

इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर मानी जा रही है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट है। यहां उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी से माना जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी पहले भी 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर सुर्खियों में आए थे।

यह सीट पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भारी मतदान, रिकॉर्ड भागीदारी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था

दूसरे चरण में लगभग 3.2 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। कुल 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 220 महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के लिए 2,321 केंद्रीय बल कंपनियां तैनात की गई हैं।

Election Commission of India ने 41,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र शामिल हैं। सुरक्षा के साथ-साथ निगरानी के लिए दर्जनों ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं।

SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची विवाद भी चर्चा में

चुनाव प्रक्रिया के बीच SIR (Special Intensive Revision) को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। लाखों नामों को मतदाता सूची से हटाए जाने और जोड़ने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुद्दा कई सीटों पर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुकाबला बेहद करीबी है।

राजनीतिक माहौल और प्रचार रणनीतियाँ

इस बार चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों जैसे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बुनियादी ढांचे को प्रमुखता दी गई है। उम्मीदवारों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अनोखे प्रचार तरीके अपनाए, जिनमें पारंपरिक भोजन और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव भी शामिल रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाता काफी जागरूक हैं और मतदान पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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