All India Trinamool Congress (TMC) को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें तेज हो गई हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव और अस्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर कथित असंतोष और बगावत की खबरों ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है। इसी बीच एक ओर जहां 18 विधायकों के एक बैठक में शामिल होने की सूची सामने आई है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए सभी समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
18 विधायकों की बैठक में मौजूदगी से बढ़ी चर्चाएं
जानकारी के अनुसार, कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना जिलों की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में TMC के 18 विधायकों की मौजूदगी सामने आई है। इस सूची के सार्वजनिक होने के बाद पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें शामिल कई विधायक पहले से ही पार्टी नेतृत्व से असंतोष को लेकर चर्चा में रहे हैं।
बैठक में शामिल बताए गए प्रमुख विधायक
जिन 18 विधायकों के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है, उनमें शामिल नाम इस प्रकार बताए जा रहे हैं—
- जावेद खान
- फिरहाद हकीम
- नयना दास बनर्जी
- कुणाल घोष
- रीताब्रत बनर्जी
- संदीपन साहा
- अशोक देव
- अरुणाभा सेन
- समीर पांजा
- प्रिया पाल
- गुलशन मल्लिक
- तपस मैती
- नीलिमा मिस्त्री
- अब्दुल खालेक मोल्लाह
- बहारुल इस्लाम
- परेशराम दास
- जॉयदेव हलदर
- समीर जाना
हालांकि, इन नामों और बैठक की प्रकृति को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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TMC में टूट के दावे और बढ़ती राजनीतिक अटकलें
पार्टी से हाल ही में निष्कासित दो विधायकों—ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा—को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। दोनों नेताओं ने दावा किया है कि उनके संपर्क में 50 से अधिक विधायक हैं और वे “असली TMC” के रूप में अलग संगठन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही विपक्ष के नेता पद और पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर भी दावेदारी की अटकलें तेज हो गई हैं।
कुछ पूर्व नेताओं ने दावा किया है कि TMC के भीतर दो-तिहाई विधायकों के अलग होने की संभावना पर चर्चा चल रही है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ममता बनर्जी का बड़ा संगठनात्मक कदम
बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सभी राज्य स्तरीय समितियों और सहयोगी संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। TMC की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह निर्णय व्यापक संगठनात्मक समीक्षा, प्रदर्शन मूल्यांकन और आंतरिक पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
बयान के अनुसार, पार्टी अब जमीनी स्तर पर संगठन को फिर से मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नई संरचना तैयार करेगी। नई समितियों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।










