सोनीपत में एक युवक से शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड निवेश के नाम पर 47.39 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। ठगों ने खुद को निवेश कंपनी का कर्मचारी बताकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत: शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला सोनीपत का है, जहां एक युवक से शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड निवेश के नाम पर 47 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अब निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुई ठगी
सोनीपत के सेक्टर-23 निवासी अनिल कुमार ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 अप्रैल 2026 को उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को "डिजिटल गोल्ड मिरेकल लिमिटेड" नामक कंपनी का कर्मचारी बताया और मुफ्त में शेयर मार्केट व ट्रेडिंग सिखाने का प्रस्ताव दिया। बातचीत के दौरान उसे एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा गया और खाता बनाने के लिए आधार कार्ड तथा पैन कार्ड जैसी जरूरी जानकारी मांगी गई।
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शुरुआत में आरोपियों ने दावा किया कि उनकी ट्रेडिंग सलाह के जरिए 20 से 30 प्रतिशत तक लाभ कमाया जा सकता है। लगातार संपर्क में रहकर उन्होंने निवेश के लिए प्रेरित किया और कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया।
गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश का दिया लालच
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने गोल्ड ट्रेडिंग को सबसे लाभकारी निवेश बताते हुए कहा कि इसमें रकम तेजी से बढ़ सकती है। उनकी बातों पर भरोसा कर अनिल कुमार ने 15 अप्रैल 2026 से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने शुरू कर दिए। कुछ समय तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा, जिससे उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
धीरे-धीरे उन्होंने कुल 47 लाख 39 हजार 220 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों की ओर से लगातार नए निवेश के लिए दबाव बनाया जाता रहा और बड़े रिटर्न का लालच दिया जाता रहा।
रकम निकालने की कोशिश में हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब अनिल कुमार ने अपने निवेश की गई रकम वापस निकालने का प्रयास किया। कई कोशिशों के बावजूद जब भुगतान नहीं मिला और आरोपी संपर्क से बाहर हो गए तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि फर्जी दस्तावेजों और संदिग्ध बैंक खातों का इस्तेमाल कर पूरी साजिश को अंजाम दिया गया था।
इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और स्थानीय साइबर थाने में मामला पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शेयर ट्रेडिंग स्कैम क्यों बन रहा है बड़ा खतरा
साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि शेयर ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े फर्जी ऑफर आजकल साइबर ठगों का सबसे पसंदीदा तरीका बन चुके हैं। लोग जल्दी मुनाफा कमाने की उम्मीद में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर आने वाले संदेशों पर भरोसा कर लेते हैं। इसके बाद उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता है, जहां नकली मुनाफा दिखाकर और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है।
अधिकांश मामलों में पीड़ित को तब तक ठगी का पता नहीं चलता, जब तक वह अपनी रकम निकालने की कोशिश नहीं करता। इसी वजह से ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और किसी भी लिंक या ऐप की सत्यता जांचे बिना उसका उपयोग न करें। अधिकारियों का कहना है कि शेयर बाजार में निवेश केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।
पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।









