पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत उत्तर बंगाल से करने का निर्णय लिया है। यह क्षेत्र पिछले दो विधानसभा और दो लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए मजबूत साबित हुआ है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और टीएमसी के बीच शह और मात का खेल जारी है। आई-पैक के विनिंग फॉर्मूले, सरकार आपके द्वार और 10 निश्चय के ऐलान के बाद, ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल में प्रचार की कमान संभाल ली है। पिछले विधानसभा चुनाव और दो लोकसभा चुनावों में बीजेपी उत्तर बंगाल में मजबूत रही है।
वहीं, टीएमसी ने दक्षिण बंगाल में रैलियों और प्रचार का जिम्मा पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को सौंपा है। दक्षिण बंगाल में टीएमसी पहले से ही काफी मजबूत स्थिति में है।
उत्तर बंगाल से चुनाव प्रचार की शुरुआत
ममता बनर्जी 24 मार्च को अलीपुरद्वार में अपनी पहली चुनावी रैली करेंगी। इसके बाद 25 मार्च को वह दार्जिलिंग के माटीगाड़ा और जलपाईगुड़ी की मैनागुड़ी में चुनावी सभा करेंगी। इसके बाद उनका रुख डाबग्राम-फूलबाड़ी और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी की ओर होगा। टीएमसी के नेता के मुताबिक, ममता बनर्जी उत्तर बंगाल की सभी विधानसभा सीटों तक पहुंचकर पार्टी की पकड़ को मजबूत करने पर ध्यान देंगी।
दक्षिण बंगाल में प्रचार अभियान का नेतृत्व टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी संभालेंगे। 26 मार्च को ममता बनर्जी पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुड़ा के लिए रवाना होंगी, जबकि 31 मार्च को उनका कार्यक्रम मेदिनीपुर और बांकुड़ा में रैलियों का रहेगा। इस रणनीति का उद्देश्य उत्तर बंगाल में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोकना और पार्टी के आधार को मजबूत करना है।
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उत्तर बंगाल: बीजेपी का गढ़
उत्तर बंगाल बीजेपी के लिए पिछले चुनावों में लगातार मजबूत साबित हुआ है। पार्टी ने इस क्षेत्र में टीएमसी सरकार पर उपेक्षा और विकास में कमी के आरोप लगाकर अपनी पैठ बनाई। 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, सिलिगुड़ी और दुर्गापुर जैसे इलाकों में संगठनात्मक बैठकों और परिवर्तन यात्रा के जरिए बीजेपी ने स्थानीय मतदाताओं में प्रतिक्रिया जुटाई। अमित शाह और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी से बीजेपी ने उत्तर बंगाल में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी।
ममता बनर्जी ने बीजेपी की इस रणनीति को चुनौती देने के लिए उत्तर बंगाल से चुनाव प्रचार की शुरुआत करने का निर्णय लिया। पार्टी का लक्ष्य है कि टीएमसी उत्तर बंगाल में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाए और बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोके।
दक्षिण बंगाल पर नजर
उत्तर बंगाल में प्रचार अभियान की शुरुआत के बाद ममता बनर्जी दक्षिण बंगाल की ओर रुख करेंगी, जहां पार्टी पहले से ही मजबूत है। दक्षिण बंगाल में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी रैलियों और प्रचार का नेतृत्व करेंगे। टीएमसी का उद्देश्य है कि दक्षिण बंगाल में पार्टी का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहे और विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाए।










