पति ने गेहूं के कट्टे में रखे गहने बेचे, 15 लाख के जेवरात वापस लौटाए गए

राजस्थान के पाली जिले में अनाज व्यापारी मांगू खान ने गेहूं के कट्टे में मिले 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने किसान को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की।

राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव में अनाज व्यापारी मांगू खान ने गेहूं के कट्टे में छिपे करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने किसान घीसाराम घांची को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। इस घटना ने ग्रामीणों में विश्वास और नैतिकता का संदेश फैलाया और व्यापारी की सराहना की गई।

Pali News: राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव में अनाज व्यापारी मांगू खान ने 15 मार्च को गेहूं के कट्टे से सोने-चांदी के करीब 15 लाख रुपये मूल्य के गहने पाए और उन्हें तुरंत किसान घीसाराम घांची को लौटा दिया। यह घटना स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के सामने हुई, जिससे व्यापारी की ईमानदारी की सराहना हुई। गहने किसान की पत्नी ने सुरक्षा के लिए छिपाए थे, लेकिन अनजाने में कट्टा बेच दिया गया था। इस कृत्य ने समुदाय में नैतिक मूल्यों और भरोसे का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

ईमानदार अनाज व्यापारी की मिसाल

राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव में अनाज व्यापारी मांगू खान ने करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने किसान घीसाराम घांची को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। किसान की पत्नी ने गहने सुरक्षित रखने के लिए गेहूं के कट्टे में छिपा दिए थे, जिसे बाद में किसान ने अनजाने में बेच दिया।

मांगू खान ने कट्टे से गहनों वाला टिफिन निकलते ही तुरंत घीसाराम को बुलाया और सभी ग्रामीणों के सामने गहने लौटाए। इससे किसान भावुक हो गए और गांव में व्यापारी की सराहना होने लगी।

कट्टे में मिली कीमती वस्तु और व्यापारी की सतर्कता

15 मार्च को मांगू खान ने अपने घर के लिए गेहूं पिसवाने के दौरान कट्टे से टिफिन देखा। पहले उन्हें लगा कि यह गलती से रखा सामान होगा, लेकिन खोलने पर पता चला कि इसमें सोने-चांदी के गहने हैं। उन्होंने लालच न करते हुए तुरंत किसान को बुलाया और गहने सुरक्षित लौटाए।

घीसाराम ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी पत्नी ने गहने कट्टे में छिपाए थे। इस पूरी घटना ने गांव में एक प्रेरक संदेश दिया कि ईमानदारी अब भी समाज का अहम हिस्सा है।

ग्रामीणों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मांगू खान की ईमानदारी को लेकर गांव के कई लोग मौके पर मौजूद थे और उनकी जमकर सराहना की। सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी दुर्लभ है और यह समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।

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