पंजाब में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन, अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे एक घंटे जाम

लालड़ू में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर पंजाब के किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे एक घंटे जाम किया। पावरकॉम के 20 घंटे बिजली के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म हुआ।

लालड़ू में खेती के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज पंजाब के किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर करीब एक घंटे जाम लगाया। पावरकॉम के 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

Mohali: खेती की मोटरों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज पंजाब के किसानों ने मंगलवार को अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में किसानों ने करीब एक घंटे तक मार्ग जाम रखा, जिससे पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने-जाने वाले वाहन प्रभावित हुए। पावरकॉम के अधिकारियों ने 20 घंटे निर्बाध बिजली देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटा लिया गया।

बिजली की मांग को लेकर पंजाब के किसानों ने हाईवे पर लगाया जाम

पंजाब में बिजली संकट पर किसानों का प्रदर्शन, अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे एक घंटे जाम

लालड़ू में खेती की मोटरों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से नाराज किसानों ने अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। प्रदर्शन के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के वाहन चालकों को परेशानी हुई। पावरकॉम अधिकारियों के 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने जाम हटाकर धरना समाप्त कर दिया।

जवाब से असंतुष्ट किसानों ने हाईवे किया जाम

धरने के दौरान एक्सईएन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसानों का विरोध तेज हो गया। इसके बाद उन्होंने अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।

जाम की वजह से पंजाब के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए किसान नेताओं और पावरकॉम अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू की।

20 घंटे बिजली देने का लिखित आश्वासन

बैठक के दौरान पावरकॉम अधिकारियों ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि खेती की मोटरों के लिए आगे से 20 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने हाईवे से जाम हटा लिया।

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में चल रहा धरना भी समाप्त कर दिया गया। किसानों का कहना था कि खेती के काम के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली मिलना जरूरी है।

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