बीते 2 अप्रैल को Aam Aadmi Party ने राज्यसभा में Raghav Chadha को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का तूफान खड़ा हो गया, और कई लोगों ने राघव का समर्थन किया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारे में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस मामले में कई नेताओं और आम लोगों ने राघव चड्ढा का समर्थन किया, जिनमें बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू भी शामिल हैं।
खुशबू ने राघव चड्ढा के प्रति समर्थन जताते हुए उन्हें सलाह दी कि वे अपनी खुद की पार्टी शुरू करें। उनका मानना है कि राघव जैसे पढ़े-लिखे और सुलझे नेता देश के लिए बेहद जरूरी हैं।
राघव चड्ढा का वीडियो संदेश
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, "जब-जब मुझे संसद में बोलने का मौका मिला, मैंने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए। हो सकता है कि मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूं, जिन पर आम तौर पर बात नहीं होती। लेकिन क्या जनहित के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?"
उन्होंने इस संदेश को 'Silenced, Not Defeated' शीर्षक दिया और इसे सीधे आम आदमी पार्टी के नाम संबोधित किया। राघव ने अपने वीडियो में संसद में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से उड़ान में देरी, जोमैटो और स्विगी के डिलीवरी बॉय से जुड़े मुद्दे, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, और कानूनी मेटरनिटी लीव जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
![]()
खुशबू का समर्थन
खुशबू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "राघव जी, आप एक पढ़े-लिखे, सुलझे नेता हैं। हमारे देश को आप जैसे नेता की बहुत जरूरत है। मुझे यकीन है आने वाले वक्त में आप अपनी एक पार्टी बनाएं। हम सब आपके साथ जुड़ना चाहेंगे क्योंकि आप देश के साथ चलना चाहते हैं। जय हिंद। खुशबू का यह संदेश राघव चड्ढा के समर्थन में काफी मजबूत सियासी और सामाजिक रुख दर्शाता है।
राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद अब यह जिम्मेदारी अशोक मित्तल, जो कि पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं, को दी गई है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे व्यक्तिगत या राजनीतिक विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेश में इसे पार्टी की ओर से उनके संसद में बोलने के अधिकार पर रोक के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा जनहित के मुद्दों को उठाना रहा है और उन्होंने किसी भी तरह की पार्टी नीतियों या दलगत प्राथमिकताओं को दरकिनार नहीं किया।











