लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने के लिए सेंट्रल हॉल से सीधे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे।
Rahul Gandhi President Meeting: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने कथित वोट चोरी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
विपक्ष ने चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी सहित कई मांगें राष्ट्रपति के सामने रखीं। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत उपलब्ध कराएगा। इस घटनाक्रम के बीच चुनावी प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात
विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया गठबंधन के अन्य नेता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों के साथ मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर अपनी बात रखी।
मुलाकात के समय विपक्ष के कई सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे थे। विपक्षी नेताओं का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों से अलग समझना आवश्यक है।
राहुल गांधी बोले- राष्ट्रपति को देंगे सबूत
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी के आरोपों को साबित करने के लिए सबूतों के बारे में पूछा। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस संबंध में प्रमाण उपलब्ध कराएगा। राहुल गांधी के बयान के अनुसार, विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के सामने उठाना चाहता है। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि उपलब्ध कराए जाने वाले साक्ष्यों तथा संबंधित संस्थाओं की जांच पर निर्भर करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनावों में EVM के स्थान पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल शुरू करने की मांग उठाई। विपक्ष का तर्क है कि मतदान व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण हैं।

विपक्ष की चार प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कई मांगें रखे जाने की बात कही गई है। इनमें प्रमुख रूप से ये मुद्दे शामिल हैं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई: विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मुख्य चुनाव आयुक्त तथा चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की।
- SIR प्रक्रिया पर रोक: प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को तत्काल रोकने और कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। ज्ञापन में 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
- बैलेट पेपर से मतदान: विपक्ष ने सभी चुनावों में EVM की जगह पेपर बैलेट से मतदान कराने की मांग रखी।
- विधानसभा चुनावों पर सवाल: प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की, जिनमें उसके अनुसार वोट चोरी के ठोस सबूत मौजूद हैं।
इन मांगों पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनों, संवैधानिक प्रक्रियाओं और सक्षम संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र के अनुसार ही हो सकता है।
12 अक्टूबर को CJI से मिलने की तैयारी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल 12 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। विपक्ष इस माध्यम से चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को न्यायपालिका के सामने रखने की तैयारी कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल में मल्लिकार्जुन खरगे, सुप्रिया सुले, ममता बनर्जी, राजीव राय, मनोज झा, एमए बेबी, डी. राजा और उमर अब्दुल्ला सहित कई विपक्षी नेता शामिल बताए गए हैं।











