राहुल को कमान छोड़नी चाहिए? अय्यर की सिफारिश पर अखिलेश यादव का कूटनीतिक रुख

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि INDIA गठबंधन का नेतृत्व राहुल गांधी से हटाकर ममता बनर्जी या एमके स्टालिन को देना चाहिए। अखिलेश यादव ने संयम बरतने की अपील

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सुझाव दिया कि INDIA गठबंधन का नेतृत्व राहुल गांधी से हटाकर ममता बनर्जी या एमके स्टालिन को दिया जाए। अखिलेश यादव ने गठबंधन की प्राथमिकता BJP को हराना बताई और संयम बरतने की अपील की।

UP News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने बार-बार यह मांग की थी कि इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के नेतृत्व की जिम्मेदारी अब राहुल गांधी को छोड़कर किसी और को देनी चाहिए। अय्यर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इस पद के लिए उपयुक्त विकल्प हैं।

अय्यर का कहना है कि गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए नेतृत्व सिर्फ राहुल गांधी पर निर्भर नहीं रह सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी और स्टालिन जैसे नेता गठबंधन को समय और रणनीति देने में सक्षम हैं और इससे INDIA ब्लॉक की एकता और मजबूती बढ़ेगी।

अखिलेश यादव का कूटनीतिक जवाब

इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन एक जमीनी स्तर पर मजबूत ब्लॉक है और इसका उद्देश्य केवल एक नेता पर निर्भर नहीं है। अखिलेश ने कहा, "हमारी प्राथमिकता पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में BJP को हराना है। उत्तर प्रदेश का चुनाव केवल 2027 के लिए नहीं बल्कि 2029 के आम चुनाव की दिशा तय करेगा।"

अखिलेश ने स्पष्ट किया कि फूट डालो और राज करो की राजनीति से सावधान रहना होगा। उनका कहना है कि ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं जो समाज को विभाजित कर दें। उन्होंने गठबंधन में सभी नेताओं से इस मामले में संयम और समझदारी रखने की अपील की।

स्टालिन को INDIA नेतृत्व के लिए उपयुक्त क्यों माना गया

मणिशंकर अय्यर ने स्टालिन को INDIA गठबंधन का संयोजक बनने के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताया। उनका कहना है कि बड़े घटक की तुलना में छोटे घटक को नेतृत्व देने से गठबंधन में संतुलन बना रहेगा और उसकी एकता मजबूत होगी। अय्यर ने कहा, "मौजूदा परिस्थितियों और 2029 के लक्ष्य को देखते हुए स्टालिन इस पद के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।"

अय्यर ने यह भी बताया कि स्टालिन की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पकड़ है और वे विपक्षी गठबंधन को मजबूती से आगे बढ़ा सकते हैं। उनके बेटे और अन्य सहयोगी राज्य स्तर पर काम संभाल सकते हैं, जबकि स्टालिन राष्ट्रीय रणनीति और चुनावी योजना को संचालित करेंगे।

ममता बनर्जी के संदर्भ में राय

मणिशंकर अय्यर ने ममता बनर्जी के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना ममता के INDIA गठबंधन का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा। अय्यर का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थन और सक्रिय भागीदारी के बिना गठबंधन कमजोर हो जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि ममता बनर्जी को नजरअंदाज करना गठबंधन की स्थिरता के लिए खतरे की घंटी है।

अय्यर ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गठबंधन को मजबूत कर सकती हैं। उनके पास व्यापक अनुभव और राजनीतिक समझ है, जो इंडिया ब्लॉक को आने वाले चुनावों में सफलता दिलाने में मदद करेगी।

गठबंधन की मजबूती

INDIA गठबंधन के नेताओं के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि 2029 के आम चुनाव के लिए रणनीति बनाने की जिम्मेदारी केवल एक नेता पर नहीं होगी। अय्यर ने स्टालिन और ममता को नेतृत्व के लिए सुझाव देते हुए कहा कि गठबंधन के सभी घटक मिलकर चुनावी योजना बनाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी संभालने के बजाय बड़े और अनुभवी नेताओं को रणनीति बनाने का अवसर देना चाहिए।

अखिलेश यादव ने भी इस दृष्टिकोण को साझा किया और कहा कि गठबंधन की प्राथमिकता सिर्फ चुनावी जीत है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों को मिलकर BJP को हराने की योजना पर ध्यान देना चाहिए।

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