राजस्थान की 162 नगरीय निकायों में कल मतदान, 20,623 उम्मीदवार मैदान में

राजस्थान में पहले चरण के निकाय चुनाव में 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों के लिए कल मतदान होगा। 57.52 लाख से अधिक मतदाता 7,683 बूथों पर वोट डालेंगे।

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए कल मतदान होगा। 162 निकायों के 5,393 वार्डों में 20,623 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी। 57.52 लाख से अधिक मतदाता 7,683 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे।

जयपुर: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए कल मतदान होगा। राज्य के 162 नगरीय निकायों में 5,393 वार्ड सदस्यों के चुनाव के लिए मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान से एक दिन पहले पोलिंग पार्टियां अपने-अपने जिलों में आवंटित मतदान केंद्रों की कंट्रोलिंग लेंगी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालेंगी। पहले चरण में होने वाले इस मतदान में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं। राज्यभर में बड़ी संख्या में उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और मतदान के बाद इन सभी के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम में दर्ज हो जाएगा।

162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों में मतदान

पहले चरण में राजस्थान की कुल 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्ड सदस्यों के लिए वोटिंग होगी। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदाता इस निर्धारित अवधि के दौरान अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर वोट डाल सकेंगे।

इन 162 निकायों में 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं। नगर निगमों में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा शामिल हैं। इस तरह पहले चरण में राज्य के शहरी क्षेत्रों के एक बड़े हिस्से में स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा।

20 हजार से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में

पहले चरण के चुनाव में कुल 20,623 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदान के बाद ईवीएम में दर्ज मतों से होगा। वार्ड सदस्य पद के लिए होने वाला यह चुनाव स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि निर्वाचित प्रतिनिधि संबंधित नगरीय निकायों के कामकाज और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों में भूमिका निभाएंगे।

चुनाव में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।

57.52 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान

राजस्थान के इन 162 नगरीय निकायों में कुल 57 लाख 52,278 मतदाता हैं। ये मतदाता राज्यभर में बनाए गए 7,683 मतदान बूथों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए पोलिंग पार्टियों की तैनाती की जा रही है। मतदान से पहले संबंधित मतदान केंद्रों पर आवश्यक चुनाव सामग्री और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाएगा।

जयपुर जिले के 18 निकायों में 565 बूथ

जयपुर जिले में भी पहले चरण के तहत 18 नगरीय निकायों में मतदान होगा। जिले में कुल 565 मतदान बूथ बनाए गए हैं। इन निकाय क्षेत्रों में भी मतदाता स्थानीय प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए वोट डालेंगे।

जयपुर जिले में जिन 18 नगरीय निकायों में मतदान होगा, उनमें मनोहरपुर, फुलेरा, सांभर, नारायणा, किशनगढ़-रेनवाल, शाहपुरा, दूदू, चाकसू, फागी, जोबनेर, खेजरोली, जमवारामगढ़, वाटिका, कानोता, बस्सी, बगरू, कालाडेरा और चौमूं शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में मतदान के लिए निर्धारित बूथों पर पोलिंग पार्टियां चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगी। मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को निर्धारित पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा।

वोट डालने के लिए इन 11 दस्तावेजों में से कोई एक मान्य

मतदाता मतदान केंद्र पर अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए निर्धारित 11 फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें आधार कार्ड भी शामिल है। इसके अलावा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) मनरेगा कार्ड भी मान्य दस्तावेजों की सूची में शामिल है।

बैंकों या डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक भी पहचान के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड भी मान्य दस्तावेजों में शामिल है।

मतदाता ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड दिखाकर भी वोट डाल सकते हैं। भारतीय पासपोर्ट भी मान्य फोटोयुक्त पहचान दस्तावेज है। इसके अतिरिक्त फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज को भी मतदान के लिए पहचान प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा।

केंद्र सरकार, राज्य सरकार, लोक उपक्रम और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से अपने कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सांसदों और विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र भी मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं।

दिव्यांग मतदाताओं के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड भी पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

मतदान से पहले पोलिंग पार्टियां संभालेंगी बूथ

मतदान से एक दिन पहले पोलिंग पार्टियां अपने-अपने जिलों में आवंटित मतदान बूथों की कंट्रोलिंग लेंगी। इसके बाद मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

राज्य के 162 निकायों में एक साथ होने वाले मतदान के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक व्यवस्था की गई है। 7,683 बूथों पर होने वाली वोटिंग में 57 लाख 52,278 मतदाता हिस्सा लेंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है।

स्थानीय निकाय चुनाव पर रहेगी नजर

नगरीय निकाय चुनाव राज्य की स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन चुनावों के परिणाम से विभिन्न शहरों और कस्बों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की तस्वीर स्पष्ट होगी।

पहले चरण में 5,393 वार्डों के लिए होने वाले मतदान में 20,623 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत दांव पर है। मतदान समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला मतगणना के दौरान सामने आएगा।

इस चरण में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा के नगर निगमों के साथ 27 नगर परिषद और 131 नगर पालिकाएं शामिल हैं। जयपुर जिले के 18 निकायों में भी मतदाता स्थानीय प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान करेंगे।

इस प्रकार राजस्थान में पहले चरण का नगरीय निकाय चुनाव व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में मतदाता, उम्मीदवार और मतदान केंद्र होने के कारण चुनाव प्रक्रिया पर राज्यभर की नजर रहेगी।

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