राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: 'पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक कराने होंगे'

राजस्थान हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि राज्य में पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में कराए जाएं। इस फैसले से राज्य की

Rajasthan High Court ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को दिसंबर तक टालने की याचिका खारिज कर दी है।

जयपुर: राजस्थान में पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से चुनाव को दिसंबर 2026 तक टालने की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य में सभी स्थानीय निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। यह फैसला राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और स्थानीय शासन की समयबद्धता को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हाई कोर्ट का सख्त रुख: चुनाव समय पर कराने के निर्देश

राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ, जिसकी अध्यक्षता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा ने की, ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि, पंचायत और शहरी निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक पूरे किए जाएं।

चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट समय पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत हो. कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए राजस्थान OBC आयोग को 20 जून 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। यह रिपोर्ट स्थानीय निकायों में आरक्षण और चुनावी संरचना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए आधार बनेगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने वाली किसी भी देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।

सरकार की दलील: प्रशासनिक और आरक्षण से जुड़ी चुनौतियां

राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी थी कि चुनाव समय पर कराना संभव नहीं था, क्योंकि, OBC आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट अभी लंबित थी. पंचायत और नगर निकायों में कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा है. स्कूल, कर्मचारी और EVM जैसी चुनावी व्यवस्थाओं की उपलब्धता में कठिनाई है. प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की जरूरत है सरकार ने यह भी कहा कि सभी चुनावों को एक साथ कराना “एक राज्य, एक चुनाव” मॉडल को मजबूत करेगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

इससे पहले 14 नवंबर 2025 को हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करे। हालांकि, समय सीमा पूरी न होने पर सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग करते हुए नई याचिका दायर की थी। 11 मई 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी किया गया है।

Leave a comment