राजस्थान: कांग्रेस नेता डोटासरा का बड़ा बयान, भाजपा सरकार के दो साल पुरे होने पर मुख्यमंत्री को दी खुली बहस की चुनौती

कांग्रेस नेता डोटासरा ने भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी। बयान से राजनीतिक हलचल तेज हुई। खुली बहस की चुनौती

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री के विधायक दल के नेता चुने जाने के दो वर्ष पूरे होने पर हुई प्रेस वार्ता पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का जन्म पर्ची से हुआ और दो वर्षों में प्रदेश को हर क्षेत्र में पीछे धकेल दिया गया है।

जयपुर: राजस्थान में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी। डोटासरा ने कहा कि सरकार ने जनता से किए गए वादों में विफलता दिखाई, जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर किया, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में संकट बढ़ाया और कानून व्यवस्था को गंभीर रूप से बिगाड़ दिया।

डोटासरा ने प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार का जन्म पर्ची के सहारे हुआ, और दो वर्षों में प्रदेश को हर क्षेत्र में पीछे धकेल दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाना चाहिए था, लेकिन जनता से किए गए वादों पर चुप्पी साध ली गई।

स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं पर हमला

गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 25 लाख रुपये तक का इलाज उपलब्ध था, जिसे भाजपा सरकार ने घटाकर केवल 5 लाख रुपये कर दिया। इसके अलावा, दुर्घटना बीमा, नि:शुल्क दवा योजना और आरजीएचएस जैसी योजनाएं दम तोड़ रही हैं। कई अस्पताल इस योजना से बाहर हो चुके हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की कमी बनी हुई है। उन्होंने सांचौर मेडिकल कॉलेज परियोजना को निरस्त करना सरकार की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया।

डोटासरा ने कहा कि किसानों की समस्याओं को भाजपा सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। किसान खाद के लिए लाइन में खड़े हैं, लाठियां खा रहे हैं। गेहूं पर बोनस और समर्थन मूल्य के वादे पूरे नहीं हुए और किसान सम्मान निधि बढ़ाने का वादा भी अधूरा रह गया।

राजस्थान: कांग्रेस नेता डोटासरा का बड़ा बयान, भाजपा सरकार के दो साल पुरे होने पर मुख्यमंत्री को दी खुली बहस की चुनौती

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में विफलता

शिक्षा क्षेत्र में 1.25 लाख शिक्षकों की कमी है। तबादलों और भर्तियों में भ्रष्टाचार जारी है। महिला आरक्षण जैसे वादे हवा में रहे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से शिक्षा और महिला सशक्तिकरण क्षेत्र पिछड़ रहा है। डोटासरा ने कहा कि इंदिरा रसोई, फूड पैकेट योजना, पशुधन बीमा, 150 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को बंद या कमजोर किया गया। ERCपी को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की घोषणा के बावजूद केंद्र से एक रुपये का समर्थन नहीं मिला। यमुना जल परियोजना की डीपीआर को लेकर मुख्यमंत्री के बयान विरोधाभासी हैं।

प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। डोटासरा ने कहा कि बड़े हादसों पर सरकार की संवेदनशीलता नजर नहीं आती। प्रशासन बेलगाम हो चुका है और भाजपा सरकार का कोई स्पष्ट विजन नहीं दिखाई देता।

खुली बहस की चुनौती

गोविन्द सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री को अल्बर्ट हॉल में जनता के सामने खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के काम और उपलब्धियां तुलना में सामने आ जाएंगी और जनता खुद निर्णय लेगी कि किसकी सरकार उनके हितों के लिए बेहतर रही। डोटासरा ने यह भी संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भाजपा के खिलाफ जोरदार अभियान चला सकती है और जनता के मुद्दों को मुख्य रूप से सामने रखेगी।

 

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