Rajasthan Election Commission ने विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की है। राजस्थान में अब कुल 5,15,19,929 मतदाता दर्ज हैं। मसौदा सूची की तुलना में 10.48 लाख की शुद्ध बढ़ोतरी हुई है।
Final List: Rajasthan Election Commission ने विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस नई सूची के अनुसार अब राजस्थान में कुल 5,15,19,929 मतदाता दर्ज हो चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले मसौदा प्रकाशन की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है। चुनाव से पहले मतदाता सूची का अपडेट होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है।
अधिकारियों के मुताबिक यह Final List राज्य की 199 विधानसभा सीटों के लिए तैयार की गई है। सभी योग्य नागरिकों के नाम जोड़ने, त्रुटियों को सुधारने और डुप्लीकेट नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है।
10.48 लाख मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी
मसौदा सूची और अंतिम प्रकाशन के बीच कुल 10,48,605 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रतिशत के लिहाज से यह वृद्धि 2.08 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में नए मतदाता सूची में जुड़े हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार यह बढ़ोतरी नए पंजीकरण, आयु पूरी करने वाले युवाओं और संशोधन प्रक्रिया के कारण संभव हुई है। मतदाता सूची में लगातार सुधार और अपडेट से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।
पुरुष और महिला मतदाताओं का आंकड़ा
अंतिम सूची के अनुसार कुल मतदाताओं में 2,69,57,881 पुरुष और 2,45,61,486 महिला मतदाता शामिल हैं। लिंगानुपात में भी सुधार दर्ज किया गया है। समीक्षा अवधि के दौरान यह अनुपात 909 से बढ़कर 911 हो गया है।
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यह बदलाव दर्शाता है कि महिला मतदाताओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। चुनाव आयोग ने विशेष अभियान चलाकर महिलाओं को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया था, जिसका सकारात्मक असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
युवाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी
इस बार 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। इस आयु वर्ग में 4,35,061 नए मतदाता जुड़े हैं। यह संकेत है कि युवा वर्ग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए थे। स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों में Registration Drive आयोजित किए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र युवाओं का नाम सूची में शामिल हो सके।
Special Intensive Revision की पूरी प्रक्रिया
राज्य में Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक चली। इस दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े सभी दावे और आपत्तियों का निपटारा किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाए रखने के लिए यह एक नियमित प्रक्रिया है। हर वर्ष निर्धारित समय पर पुनरीक्षण किया जाता है ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूट न जाए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।
199 विधानसभा सीटों के लिए तैयार सूची
Final List राज्य की 199 विधानसभा सीटों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार मतदाताओं की संख्या अपडेट की गई है। इससे आगामी चुनावों में मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ना या संशोधन एक सतत प्रक्रिया है। यदि किसी का नाम अभी भी छूटा है या किसी प्रकार की त्रुटि है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे सुधारा जा सकता है।









