राजस्थान रोडवेज ने लगाया सख्त नियम: ड्राइवर केबिन में बैठना अब होगा अपराध

राजस्थान रोडवेज बसों में ड्राइवर केबिन में बैठना अब कानूनन अपराध है। नियम तोड़ने पर जुर्माना और जेल तक हो सकती है। RSRTC ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम

राजस्थान रोडवेज बसों में ड्राइवर के केबिन यात्रियों के लिए पूरी तरह से बंद है। इसके नियम तोड़ने पर जुर्माना के साथ जेल भी हो सकती है। बावजूद इसके कई लोग ड्राइवर के पास बैठ जाते हैं, जिससे सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। RSRTC का कहना है कि यह नियम सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि कानून के तहत लागू है।

Jhunjhunu: ड्राइवर का केबिन बस का सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है और यह बस का नियंत्रण केंद्र माना जाता है। अगर यात्रियों की वजह से ड्राइवर का ध्यान भटकता है, तो सड़क पर गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए RSRTC के नियमों के अनुसार, ड्राइवर केबिन में केवल अधिकृत लोग ही रह सकते हैं, जैसे कि बस चालक, परिचालक (कंडक्टर) और ड्यूटी पर तैनात निगम का निरीक्षण स्टाफ। किसी भी अन्य व्यक्ति, चाहे वह निगम का कर्मचारी ही क्यों न हो, केबिन में बैठ नहीं सकता।

ड्राइवर केबिन में बैठना कानून विरोधी अपराध

RSRTC का यह प्रतिबंध केवल एक आदेश नहीं है, बल्कि इसे ‘राजस्थान राज्य पथ परिवहन सेवा (बिना टिकट यात्रा की रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1987’ के तहत कानूनी रूप से लागू किया गया है। कानून के अनुसार, बस के उन हिस्सों में यात्रा करना जो यात्रियों के लिए निर्धारित नहीं हैं, अपराध माना जाता है।

यदि कोई यात्री इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और जेल की सजा भी हो सकती है। विशेष रूप से, ड्राइवर के पास बैठना, इंजन के ऊपर यात्रा करना, बस के फुटबोर्ड पर लटकना और बस की छत पर यात्रा करना ऐसे कार्य हैं जो कानून के तहत दंडनीय हैं।

ध्यान भटकने से बढ़ते हैं हादसों के खतरे

बस के चालक का ध्यान भटकने से सड़क पर गंभीर हादसे हो सकते हैं। कई बार देखा गया है कि जगह की कमी या अनौपचारिक रूप से यात्री ड्राइवर के पास बैठ जाते हैं। यह न केवल खुद यात्री के लिए खतरनाक है, बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल देता है।

RSRTC का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

सुरक्षा के लिए RSRTC ने नियम लागू किए

RSRTC प्रशासन लगातार इस नियम की पालना कराना चाहता है। इसके लिए बस चालकों और परिचालकों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को केबिन में न बैठने दें। इसके अलावा, यात्रियों को भी जागरूक किया जा रहा है कि ड्राइवर केबिन में बैठना गंभीर अपराध है।

प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन करने से न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

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