राज्यसभा चुनाव 2026: शरद पवार की छह दशक लंबी राजनीतिक यात्रा जारी, कांग्रेस के समर्थन से MVA में एकजुटता

Sharad Pawar की छह दशक लंबी राजनीतिक यात्रा राज्यसभा चुनाव 2026 में भी जारी है। Maha Vikas Aghadi को कांग्रेस के समर्थन से मजबूती मिली है, जिससे महागठबंधन में

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर वरिष्ठ नेता Sharad Pawar केंद्र में हैं। करीब छह दशक से सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे पवार की संसदीय पारी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

मुंबई: शरद पवार की छह दशक लंबी संसदीय और सियासी यात्रा आगे भी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख पवार की राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में सहमति बनती दिखाई दे रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया है, जबकि अब तक अपना प्रत्याशी उतारने की बात कर रही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में भी पवार का नाम सामने आने के बाद नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि राज्य में राज्यसभा की सात सीटों में से विपक्षी एमवीए को पूर्ण एकजुटता बनाए रखने की शर्त पर ही इकलौती सीट हासिल हो सकती है। ऐसे में पवार की उम्मीदवारी को विपक्षी एकता की कसौटी के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस का समर्थन, शिवसेना (यूबीटी) में भी सहमति के संकेत

सूत्रों के अनुसार, Indian National Congress नेतृत्व शरद पवार की उम्मीदवारी के समर्थन के पक्ष में है। वहीं, पहले अपना उम्मीदवार उतारने की संभावना जताने वाली Shiv Sena (UBT) ने भी नए सिरे से मंथन शुरू किया है। पवार के नाम पर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद गठबंधन के भीतर सहमति बनने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

महाविकास अघाड़ी में Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction), कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए इन तीनों दलों की एकजुटता अनिवार्य है।

राज्यसभा चुनाव 2026: शरद पवार की छह दशक लंबी राजनीतिक यात्रा जारी, कांग्रेस के समर्थन से MVA में एकजुटता

छह दशक की संसदीय यात्रा

85 वर्षीय शरद पवार 1967 में बारामती से पहली बार विधायक चुने गए थे। तब से वे लगातार किसी न किसी सदन के सदस्य रहे हैं। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और एनसीपी के भीतर विभाजन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या यह उनकी संसदीय राजनीति के अंत का संकेत होगा। हालांकि, राज्यसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवारी से स्पष्ट है कि पवार सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका जारी रखना चाहते हैं।

महाराष्ट्र से राज्यसभा की कुल सात सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा संख्याबल के आधार पर छह सीटें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में जाती दिख रही हैं। विपक्ष के पास एक सीट जीतने का अवसर तभी है जब महाविकास अघाड़ी पूरी तरह एकजुट होकर संयुक्त उम्मीदवार उतारे। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। विधानसभा में MVA के पास लगभग 46 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, जो संयुक्त रणनीति की स्थिति में जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है। ऐसे में पवार का नाम विपक्षी एकता के प्रतीक के रूप में सामने आया है।

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