Ram Mandir: ज्वाइंट और डिप्टी CEO की जल्द होगी नियुक्ति, CEO पैनल के नामों से होगा चयन

Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ज्वाइंट और डिप्टी CEO की जल्द नियुक्ति होगी। CEO पैनल के नामों के आधार पर चयन की तैयारी है।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की गई है। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने गुरुवार को राम मंदिर के CEO के रूप में पदभार संभाल लिया।

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने पदभार संभाल लिया है। अब उनके सहयोग के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ज्वाइंट CEO, डिप्टी CEO और अन्य जरूरी पदों पर नियुक्तियां करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों को देखते हुए आने वाले समय में कई पदों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत होगी। इनमें ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO के पद सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

CEO पैनल के नामों से होगा चयन

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के अनुसार, CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति ने जिन नामों का पैनल तैयार किया था, उसी पैनल को आगे की नियुक्तियों में भी आधार बनाया जा सकता है। इस पैनल में तीन नाम सुझाए गए थे। इनमें से एक नाम पर विचार करते हुए जितेंद्र मिश्र को CEO नियुक्त किया जा चुका है। अब पैनल में शामिल बाकी दो नामों का इस्तेमाल ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए किया जा सकता है।

पैनल में रिटायर्ड मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और रिटायर्ड IAS अधिकारी श्रुति भारद्वाज के नाम भी शामिल बताए गए हैं। ट्रस्ट आवश्यकता के अनुसार इन अधिकारियों से संपर्क कर संबंधित जिम्मेदारियों के लिए आमंत्रित कर सकता है।

भविष्य के लिए भी तैयार है अधिकारियों का पैनल

ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की योजना बनाई है। महासचिव के मुताबिक, चयन समिति ने तीन सदस्यीय मुख्य पैनल के अलावा तीन अन्य नामों की सिफारिश भविष्य के लिए भी की है। इसका मतलब है कि मंदिर प्रशासन में किसी नए पद की जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट के पास संभावित अधिकारियों का एक तैयार विकल्प मौजूद रहेगा। हालांकि, इन नामों पर नियुक्ति आवश्यकता और परिस्थितियों के आधार पर की जाएगी।

CEO के पास होंगी बड़ी जिम्मेदारियां

Ram Mandir: ज्वाइंट और डिप्टी CEO की जल्द होगी नियुक्ति, CEO पैनल के नामों से होगा चयन

CEO की नियुक्ति के बाद मंदिर प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारियां भी अधिक स्पष्ट हो गई हैं। अब मंदिर से जुड़े वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के संचालन में CEO की केंद्रीय भूमिका होगी। अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था, सुविधाओं का प्रबंधन तथा मंदिर से जुड़े रोजमर्रा के प्रशासनिक काम शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कई दिनों में मंदिर में डेढ़ से दो लाख तक श्रद्धालुओं की आवाजाही हो सकती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं और प्रशासनिक समन्वय को प्रभावी बनाए रखना CEO कार्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

CEO कार्यालय में कई पदों पर भर्ती

ट्रस्ट और CEO के बीच समन्वय से CEO कार्यालय के लिए जरूरी कर्मचारियों और अधिकारियों का ढांचा तैयार किया जाएगा। कितने लोगों की नियुक्ति की आवश्यकता होगी, इसका विस्तृत आकलन जल्द पूरा किया जाएगा। जरूरत के अनुसार कुछ पदों के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन भी आमंत्रित किए जा सकते हैं। इससे मंदिर प्रशासन के अलग-अलग विभागों के लिए विशेषज्ञ और योग्य कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खुलेगा।

राम मंदिर ट्रस्ट के स्तर पर प्रवक्ता की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। ट्रस्ट ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहा है, जिसे मंदिर प्रशासन और उसकी कार्यप्रणाली की गहरी समझ हो। प्रवक्ता की जिम्मेदारी केवल मीडिया से बातचीत तक सीमित नहीं होगी। ट्रस्ट चाहता है कि इस पद पर ऐसा व्यक्ति हो, जो मंदिर से जुड़े फैसलों, गतिविधियों और प्रबंधन व्यवस्था को सही तरीके से समझाकर सार्वजनिक मंच पर ट्रस्ट का पक्ष प्रभावी ढंग से रख सके।

चार करोड़ के चेक मामले में कार्रवाई नहीं

इस बीच ट्रस्ट ने तमिलनाडु की श्रद्धालु एस. नागलक्ष्मी द्वारा दिए गए करीब चार करोड़ रुपये के दान से जुड़े मामले में फिलहाल किसी कार्रवाई से इनकार किया है। बताया गया कि श्रद्धालु ने चार करोड़ रुपये ट्रस्ट कर्मियों के लिए और 10 हजार रुपये रामलला के लिए दान करने की बात कही थी। हालांकि, संबंधित चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव रहे ट्रस्टी कृष्णमोहन के अनुसार, इस मामले में फिलहाल किसी कार्रवाई का औचित्य नहीं है। अगर श्रद्धालु दोबारा संपर्क करती हैं, तो ट्रस्ट आगे की प्रक्रिया पर विचार कर सकता है।

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