रांची के ओरमांझी क्षेत्र में पुलिस ने चेन छिनतई करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अपराधी वारदात के तुरंत बाद सोने की चेन गलाकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश करते थे। पुलिस ने पिघला सोना और गोल्ड फ्लेम स्प्रे बरामद किया है।
रांची: ओरमांझी थाना पुलिस ने चेन छिनतई के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि आरोपी वारदात के बाद चोरी की गई सोने की चेन को तुरंत गलाकर उसकी पहचान खत्म कर देते थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से पिघला हुआ सोना और सोना गलाने में इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी बरामद किया है।
बुजुर्ग महिला से चेन छिनतई के बाद शुरू हुई जांच
ओरमांझी थाना क्षेत्र में 9 मई को हुई चेन छिनतई की घटना की जांच के दौरान पुलिस को एक नए अपराधी तरीके की जानकारी मिली। मास्टर कॉलोनी, दड़दाग निवासी बीणा देवी अपने घर की ओर जा रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार तीन अपराधियों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। लगातार जांच के बाद पुलिस आरोपितों तक पहुंचने में सफल रही।
दो आरोपी गिरफ्तार, पिघला हुआ सोना बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने पिठौरिया थाना क्षेत्र के बरटोला हुंदुर निवासी 19 वर्षीय संदीप करमाली उर्फ जेडिया और अरुण करमाली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से पिघला हुआ सोना और गोल्ड फ्लेम स्प्रे बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, यही उपकरण चोरी या छिनतई की गई सोने की चेन को गलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। मामले में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश जारी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
सबूत मिटाने के लिए अपनाया नया तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि अपराधी वारदात के तुरंत बाद सोने की चेन को गलाकर उसका मूल स्वरूप खत्म कर देते थे। ऐसा करने से आभूषण की पहचान करना मुश्किल हो जाता है और पुलिस के लिए चोरी गए सामान को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में चोरी और छिनतई के आभूषण खरीदने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई तेज हुई है। इसके कारण कई ज्वेलरी कारोबारी संदिग्ध स्रोतों से सोना खरीदने से बच रहे हैं। ऐसे में अपराधियों ने पहचान मिटाने के लिए सोना गलाने का तरीका अपनाना शुरू कर दिया है।
ज्वेलरी कारोबार पर भी पुलिस की नजर
पुलिस का मानना है कि अपराधियों का यह तरीका संगठित अपराध की ओर संकेत करता है। गोल्ड फ्लेम स्प्रे जैसे उपकरणों की मदद से कुछ ही समय में सोने को पिघलाया जा सकता है, जिससे उसका मूल डिजाइन पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
ओरमांझी पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही चोरी या संदिग्ध सोने के लेनदेन पर नजर रखने के लिए ज्वेलरी दुकानों की भी निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।










