रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप-डी मुकाबले में हरियाणा ने चंडीगढ़ को पारी और 24 रन से करारी शिकस्त देकर शानदार जीत दर्ज की। चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला महज दो दिनों में समाप्त हो गया।
Ranji Trophy 2026-27: रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप-डी मुकाबले में हरियाणा ने चंडीगढ़ को पारी और 24 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में हरियाणा ने महज दो दिनों के भीतर मैच अपने नाम कर लिया। टीम की इस बड़ी जीत के सबसे बड़े नायक निशांत सिंधु रहे, जिन्होंने पहले बल्ले से 92 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और फिर गेंदबाजी में छह विकेट चटकाकर चंडीगढ़ की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें मुकाबले का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बना दिया।
निशांत सिंधु के प्रदर्शन को देखते हुए उनकी तुलना भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या से की जा रही है। हालांकि, दोनों खिलाड़ियों की भूमिका और खेल शैली अलग हो सकती है, लेकिन बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की निशांत की क्षमता ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा है।
पहली पारी में 103 रन पर सिमटी चंडीगढ़ की टीम
मुकाबले में टॉस हारने के बाद चंडीगढ़ की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। हालांकि, शुरुआत से ही टीम के बल्लेबाज हरियाणा के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए। चंडीगढ़ की पहली पारी 41.3 ओवर में महज 103 रन पर समाप्त हो गई। चंडीगढ़ को शुरुआती झटका अर्जुन आजाद के रूप में लगा, जो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। उस समय टीम का स्कोर केवल एक रन था।
इसके बाद अर्सलान खान और कप्तान मनन वोहरा ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 22 रन की साझेदारी हुई, लेकिन इस साझेदारी के टूटते ही चंडीगढ़ की पारी लड़खड़ा गई। अक्षित राणा ने 31 रन बनाकर टीम की ओर से सर्वाधिक योगदान दिया, जबकि विष्णु कश्यप ने 26 रन बनाए।
हालांकि, बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। हरियाणा की ओर से अमन कुमार, अजीत चहल और अनुज ठकराल ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। कनिष्क चौहान को भी एक सफलता मिली।
हरियाणा ने 142 रन की बढ़त हासिल की
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चंडीगढ़ को कम स्कोर पर समेटने के बाद हरियाणा ने अपनी पहली पारी में 245 रन बनाए। इस तरह टीम को पहली पारी के आधार पर 142 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। हरियाणा की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने महज 37 रन के स्कोर तक अपने चार विकेट गंवा दिए। ऐसी स्थिति में टीम पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि, यशवर्धन दलाल और निशांत सिंधु ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 175 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने न केवल हरियाणा को शुरुआती झटकों से उबारा, बल्कि टीम को मजबूत स्थिति में भी पहुंचा दिया। निशांत सिंधु ने अपनी पारी में आठ चौकों की मदद से 92 रन बनाए। वह शतक से केवल आठ रन दूर रह गए। दूसरी ओर, यशवर्धन दलाल ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 95 रन की पारी खेली। उनकी पारी में आठ चौके और दो छक्के शामिल रहे।
चंडीगढ़ की ओर से निशंक बिड़ला ने प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए 63 रन देकर पांच विकेट लिए, जबकि जगजीत सिंह ने दो विकेट हासिल किए। हालांकि, दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी के कारण चंडीगढ़ के गेंदबाज हरियाणा को बड़ी बढ़त लेने से नहीं रोक सके।
दूसरी पारी में निशांत सिंधु ने झटके छह विकेट
142 रन से पिछड़ने के बाद चंडीगढ़ के सामने मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी। लेकिन दूसरी पारी में भी टीम की बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। पूरी टीम महज 118 रन बनाकर आउट हो गई और हरियाणा ने पारी तथा 24 रन से मुकाबला जीत लिया। कप्तान मनन वोहरा ने 47 रन बनाकर संघर्ष करने की कोशिश की। भागमेंदर लाठर ने 29 रन, जबकि अर्सलान खान ने 20 रन का योगदान दिया। इसके बावजूद अन्य बल्लेबाज टिककर खेलने में असफल रहे।
हरियाणा की ओर से निशांत सिंधु ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 13 ओवर में केवल 27 रन देकर छह विकेट हासिल किए। कनिष्क चौहान ने भी तीन विकेट चटकाकर चंडीगढ़ की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।










