उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। दोनों ने इस पर्व को सत्य, धर्म और न्याय की जीत का प्रतीक बताते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
लखनऊ: विजयादशमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, मर्यादा, त्याग और लोककल्याण की प्रेरणा लेने की बात कही। वहीं, राज्यपाल ने लोगों से नैतिकता, सदाचार और न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी भारतीय संस्कृति में सत्य, न्याय और धर्म के प्रति अटूट आस्था को दर्शाती है।
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योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्श हर व्यक्ति को सत्य, मर्यादा, त्याग और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। श्रीराम का जीवन सिखाता है कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा निष्ठावान रहना चाहिए। साथ ही, समाज और राष्ट्र के हित में काम करने की भावना भी बनाए रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के संदेश में विजयादशमी के सांस्कृतिक और नैतिक महत्व पर जोर दिया गया। यह पर्व लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और गलत कार्यों से दूर रहने की प्रेरणा देता है। दशहरे पर रावण दहन की परंपरा भी इसी विचार को दर्शाती है कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सत्य, न्याय और नैतिकता पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। विजयादशमी लोगों को सत्य, न्याय, नैतिकता और सदाचार के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
राज्यपाल ने पर्व के महत्व को जीवन के मूल्यों से जोड़ते हुए लोगों को अच्छे आचरण और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया। दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह अपने व्यवहार और विचारों पर आत्ममंथन करने का अवसर भी प्रदान करता है।
इस पर्व के माध्यम से लोगों को यह सीख मिलती है कि जीवन में कठिन परिस्थितियां आने के बावजूद सत्य और न्याय का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। भगवान श्रीराम के आदर्शों का स्मरण करते हुए समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत भी सामने आती है।
पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह ने भी दिया संदेश
विजयादशमी के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उनका संदेश दशहरे के उस मूल भाव को दर्शाता है, जिसमें बुराई पर अच्छाई की जीत को प्रमुख स्थान दिया जाता है।
वहीं, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने विजयादशमी को आत्ममंथन का अवसर बताया। उन्होंने लोगों से अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता को त्यागने की अपील की। साथ ही, समाज में सद्भाव और समरसता को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
धर्मपाल सिंह के संदेश में सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का महत्व सामने आया। त्योहारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और भाईचारे को बढ़ावा देने की परंपरा रही है।
विजयादशमी का पर्व देता है बुराई छोड़ने की प्रेरणा
विजयादशमी देशभर में भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की याद में मनाई जाती है। इस अवसर पर कई स्थानों पर रामलीला का मंचन और रावण, कुंभकरण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। यह परंपरा असत्य, अहंकार और अधर्म के अंत का प्रतीक मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और भाजपा नेताओं के शुभकामना संदेशों में भी सत्य, धर्म, न्याय और सदाचार को अपनाने पर जोर दिया गया। इन संदेशों का उद्देश्य लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना है।








