टीवी की मशहूर अभिनेत्री रश्मि देसाई एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। पिछले कुछ सालों से टीवी इंडस्ट्री से दूर रहीं 40 वर्षीय रश्मि ने स्टार प्लस के शो ‘सयोनी’ के जरिए कमबैक किया है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: टीवी एक्ट्रेस रश्मि देसाई एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। लंबे समय तक टेलीविजन से दूरी बनाए रखने के बाद वह स्टार प्लस के शो ‘सयोनी’ में नजर आ रही हैं। अपने इस कमबैक के साथ रश्मि ने इंडस्ट्री में बिताए वर्षों, काम से लिए गए ब्रेक और उन चुनौतियों पर खुलकर बात की है, जिनका सामना उन्हें अपने करियर के दौरान करना पड़ा।
अभिनेत्री के मुताबिक, एक समय ऐसा भी था जब उन्हें कहा गया कि उनका करियर खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार उनकी अभिनय क्षमता के बजाय उनके लुक्स और टीवी कलाकार होने के आधार पर उन्हें आंका गया।
3-4 साल तक काम से दूर क्यों रहीं रश्मि देसाई?
‘स्क्रीन’ को दिए इंटरव्यू में रश्मि देसाई ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन से चार साल तक नियमित रूप से काम नहीं किया। इस दौरान उन्होंने कुछ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया, जिनमें एक गुजराती फिल्म और जी5 पर आई फिल्म ‘हिसाब बराबर’ शामिल है। हालांकि, उन्हें टेलीविजन से कई ऑफर मिले, लेकिन उस समय वह उन किरदारों से खुद को जोड़ नहीं पा रही थीं।
रश्मि के अनुसार, यह ब्रेक उनके लिए खुद को समझने और एक कलाकार के तौर पर अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर था। उन्होंने कई वर्कशॉप में हिस्सा लिया और उन पुरानी आदतों तथा धारणाओं पर काम किया, जिन्हें वह अपने अभिनय से अलग करना चाहती थीं।
अभिनेत्री का मानना है कि टेलीविजन पर काम करना लंबे समय की प्रतिबद्धता मांगता है। किसी शो में लगातार एक ही किरदार निभाने के दौरान कलाकार कई बार उसी भूमिका की आदतों में ढल जाता है। ऐसे में खुद को नए तरीके से तैयार करने के लिए समय निकालना जरूरी हो सकता है। रश्मि ने कहा कि जब वह किसी प्रोजेक्ट से पूरी तरह सहमत नहीं थीं, तो दर्शकों को उस कहानी पर विश्वास दिलाना भी उनके लिए मुश्किल था।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर क्या बोलीं अभिनेत्री?
रश्मि देसाई ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पहले वह ऑनलाइन कमेंट्स पढ़ती थीं और कभी-कभी उन पर प्रतिक्रिया भी देती थीं। हालांकि, पिछले करीब साढ़े तीन महीनों से उन्होंने कमेंट्स पढ़ना बंद कर दिया है। अभिनेत्री के मुताबिक, अब वह दूसरों की राय से ज्यादा अपनी मानसिक शांति और काम पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ नकारात्मक टिप्पणियां लोगों को निशाना बनाने के उद्देश्य से की जा सकती हैं। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रश्मि ने यह भी कहा कि ऑनलाइन ट्रोलिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि लगातार अपमानजनक टिप्पणियां किसी व्यक्ति पर गंभीर भावनात्मक असर डाल सकती हैं। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर किसी के बारे में लिखते समय जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।
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महिलाओं को लेकर इंडस्ट्री की सोच पर उठाए सवाल
इंटरव्यू में रश्मि ने मनोरंजन जगत में महिला कलाकारों की छवि को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि कई प्रोजेक्ट्स में महिलाओं की प्रतिभा और व्यक्तित्व के बजाय उनकी खूबसूरती, ग्लैमरस अंदाज और बाहरी रूप को अधिक महत्व दिया जाता है। अभिनेत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल आकर्षक दिखने वाली भूमिका तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, महिला कलाकार भी अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर पहचान बनाने की हकदार हैं। रश्मि का मानना है कि इंडस्ट्री में महिलाओं को लेकर बनी रूढ़िवादी सोच में बदलाव की जरूरत है।
‘टीवी एक्ट्रेस’ कहकर सीमित किए जाने का दर्द
रश्मि ने यह भी बताया कि उन्हें कई बार सिर्फ टेलीविजन अभिनेत्री के तौर पर देखा गया, जबकि वह अपने अभिनय के जरिए अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहती हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें अभी बहुत कुछ करना है, लेकिन उन्हें वैसा मंच नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
अभिनेत्री के मुताबिक, उनके वजन, लुक्स और स्क्रीन पर ज्यादा दिखाई देने को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। उन्हें यह तक सुनना पड़ा कि वह जरूरत से ज्यादा नजर आती हैं और उनका करियर खत्म हो चुका है। रश्मि ने इस सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि टेलीविजन को कमतर आंकना सही नहीं है। इसकी पहुंच बहुत व्यापक है और यह कलाकारों को दर्शकों से जुड़ने का बड़ा मंच देता है।









