राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा का बड़ा बयान, पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Raghav Chadha ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बड़ा बयान दिया है और पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम से राज्य की सियासत में हलचल

राजनीतिक हलचल के बीच भारत की राजधानी दिल्ली में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में हालिया घटनाक्रम के बाद सियासी माहौल काफी गरम हो गया है। Aam Aadmi Party से जुड़े राज्यसभा सांसदों के Bharatiya Janata Party में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री Bhagwant Mann अपने विधायकों के साथ Droupadi Murmu से मुलाकात के लिए पहुंचे हैं।

उधर, राज्यसभा सांसद Raghav Chadha सहित अन्य नेताओं ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की है। इन मुलाकातों को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई है, बल्कि आने वाले चुनावों की रणनीति पर भी असर पड़ने की संभावना है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद तीखा बयान

मंगलवार (5 मई 2026) को राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। Droupadi Murmu से मुलाकात के बाद चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे “राजनीतिक बदले” की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार विपक्ष से जुड़े नेताओं और पूर्व साथियों को निशाना बना रही है।

राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब में Aam Aadmi Party सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा:

  • कुछ नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है
  • व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है
  • राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है

चड्ढा के अनुसार, यह सब एक सुनियोजित राजनीतिक दबाव की रणनीति है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा का बड़ा बयान, पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

‘संस्कारी’ और ‘भ्रष्टाचारी’ बयान पर विवाद

अपने बयान में उन्होंने कहा कि जब तक वे AAP में थे, तब तक उन्हें “संस्कारी” कहा जाता था, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद उन्हें “भ्रष्टाचारी” बताया जा रहा है।उन्होंने इसे राजनीतिक दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। राघव चड्ढा ने अपने बयान में एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “राजघाट जाने वाले बदले की राजनीति कर रहे हैं। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी और तेज हो गई है और विपक्ष ने भी इस पर प्रतिक्रिया देने की संभावना जताई है।

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