रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई! अवैध भंडारण का भंडाफोड़, ट्रकों से गेहूं-चावल की बड़ी खेप बरामद

रीवा पुलिस ने पीडीएस राशन चोरी का भंडाफोड़ किया। दो ट्रक में 134 बोरी गेहूं और 67 बोरी चावल बरामद, पांच आरोपी गिरफ्तार, गिरोह नेटवर्क की जांच जारी।

शहडोल जिले के देवलोंद क्षेत्र में पीडीएस दुकानों से बड़े पैमाने पर हुए राशन चोरी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कार्रवाई के दौरान रीवा से पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए दो ट्रक, 134 बोरी गेहूं और 67 बोरी चावल बरामद किए गए। पुलिस मामले की आगे की कड़ियों की भी जांच कर रही है।

मध्यप्रदेश : शहडोल जिले के देवलोंद थाना क्षेत्र में पीडीएस दुकानों से लगातार हो रही राशन चोरी की घटनाओं का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने बताया कि 29 मई 2025 को जनकपुर सोसायटी से 160 बोरी चावल और 77 बोरी गेहूं चोरी कर लिया गया था। इसके बाद 8 नवंबर 2025 की रात धरी नंबर 2 स्थित पीडीएस दुकान का ताला तोड़कर 127 बोरी गेहूं और 57 बोरी चावल चोरी किया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 2.57 लाख रुपये थी। 

जांच तेज होने पर पुलिस को सुराग मिले और रीवा से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से दो ट्रक सहित कुल 134 बोरी गेहूं व 67 बोरी चावल बरामद हुए। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सप्लाई चैन की भी जांच कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी चोरी की कड़ी

सीसीटीवी फुटेज ने देवलोंद पुलिस को राशन चोरी के इस मामले तक पहुंचने का अहम सुराग दिया। जांच टीम ने फुटेज में दिख रहे संदिग्ध ट्रक की पहचान कर उसकी लोकेशन ट्रैक की, जो रीवा में पाई गई। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम रीवा पहुंची और वहां दबिश देकर दो ट्रक में भरा चोरी का गेहूं-चावल बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पहले रात में ताला तोड़कर बोरी उठाते थे और फिर ट्रकों से गुप्त रूप से माल बाहर भेज देते थे। पुलिस ने मामले में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्थानीय नेटवर्क की संलिप्तता की जांच

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट किया कि चोरी की वारदातें किसी अकेले गिरोह का काम नहीं थीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका है। जांच टीम अब फोन रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि गांव या दुकानों के आसपास मौजूद किस व्यक्ति ने अपराधियों को सहयोग दिया।

इसी जांच के हिस्से के रूप में पुलिस यह भी खंगाल रही है कि चोरी के दिनों में कौन-कौन संदिग्ध गतिविधियों के दौरान दुकान के पास देखा गया या किन नंबरों से आरोपियों के साथ लगातार संपर्क बना रहा। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में कई नए नाम सामने आए हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई संभव है।

गिरोह का नेटवर्क और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी — नसीम उर्फ अमन खान, रोहित सिंह पटेल, राजेश पटेल, बंटी उर्फ रजनीश और एक बाल अपचारी भी था l सभी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि दोनों पीडीएस दुकानों से चोरी उन्हीं की योजना थी। चोरी किया गया राशन वे रीवा के करहिया बाजार में बेचते थे, जहां एक व्यापारी इसे कम कीमत पर खरीद लेता था। पुलिस ने उस व्यापारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जांच में यह भी सामने आया कि सभी मुख्य आरोपी रीवा के सक्रिय अपराधियों में शामिल रहे हैं और उन पर पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने संकेत दिया कि इस गिरोह में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं और CDR विश्लेषण पूरा होने के बाद गिरफ्तारी की संख्या बढ़ सकती है।

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