रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में CLSA ने लंबी अवधि का बुलिश ट्रेंड दिखाया है। जियो लिस्टिंग और रिटेल ग्रोथ से स्टॉक में 30% तक उछाल की संभावना है। निवेशक डिजिटल और रिटेल सेक्टर पर ध्यान दें।
Reliance Share: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयर मंगलवार 20 जनवरी 2026 को गिरावट के साथ बंद हुए। तेल, रिटेल और डिजिटल सेक्टर में सक्रिय कंपनी का शेयर बीएसई पर 1.4 प्रतिशत गिरकर 1,391 रुपये पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा और इंडेक्स के नेगेटिव कंट्रीब्यूटर्स में से एक रहा।
हालांकि, गिरावट के बीच ब्रोकरेज हाउस CLSA ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर बुलिश आउटलुक दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार, जियो की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार में तेजी से कंपनी का प्रदर्शन मजबूत होगा और शेयर में लंबी अवधि में तेजी देखने को मिल सकती है।
Reliance Industries का टारगेट प्राइस
CLSA ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है और स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,800 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा भाव 1,393 रुपये के मुकाबले शेयर करीब 30 प्रतिशत तक उछाल दे सकता है। ब्रोकरेज ने अपने विश्लेषण में कहा कि जियो की लिस्टिंग साल 2026 के मध्य तक हो सकती है, जो कंपनी के लिए एक अहम इवेंट साबित हो सकती है।
CLSA के मुताबिक मार्च 2027 तक रिलायंस के दूरसंचार कारोबार जियो का एंटरप्राइज वैल्यू करीब 161 अरब डॉलर आंका गया है और मार्च 2028 तक यह बढ़कर 190 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह वैल्यूएशन वैश्विक कंपनियों की तुलना में 15 प्रतिशत प्रीमियम पर किया गया है, जिसमें फ्री कैश फ्लो को मुख्य आधार माना गया है।
रिटेल और नए बिजनेस का महत्व
ब्रोकरेज ने रिलायंस के नए एनर्जी बिजनेस के लिए अपने मल्टिपल घटा दिए हैं। इसके अलावा रिटेल सेक्टर में भी वैल्यूएशन को कम किया गया है, जिसे दो साल पहले हुई हिस्सेदारी बिक्री के इक्विटी मूल्य से लगभग 10 प्रतिशत कम माना गया है।
रिटेल कारोबार में क्विक कॉमर्स, FMCG और मीडिया जैसे क्षेत्र में संभावित बढ़त से भी कंपनी को भविष्य में अतिरिक्त मूल्य मिल सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह सेक्टर रिलायंस की ग्रोथ कहानी में अहम भूमिका निभाएंगे।
Reliance के Q3 नतीजे
रिलायंस इंडस्ट्रीज का अक्टूबर-दिसंबर 2025 का नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 18,540 करोड़ रुपये से मामूली बढ़त है। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 2.69 लाख करोड़ रुपये हुआ, जबकि अक्टूबर-दिसंबर 2024 में यह 2.43 लाख करोड़ रुपये था।
Jio Platforms का प्रदर्शन
रिलायंस की टेलीकॉम और डिजिटल यूनिट Jio Platforms ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 11.3 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,629 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इस बढ़ोतरी के पीछे Jio के सब्सक्राइबर बेस में विस्तार, ARPU (Average Revenue Per User) में सुधार और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते पैमाने की अहम भूमिका रही।
जियो की लिस्टिंग और डिजिटल सर्विसेज की मजबूत ग्रोथ रिलायंस के शेयर के लिए बड़ा टॉक्सिक पॉइंट साबित हो सकती है। निवेशक इस पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि यह लंबे समय में कंपनी के वैल्यूएशन को काफी मजबूती दे सकती है।
निवेशकों के लिए संकेत
ब्रोकरेज के अनुसार, रिलायंस के शेयर में अभी गिरावट और उतार-चढ़ाव के बीच लंबी अवधि का बुलिश ट्रेंड कायम रह सकता है। जियो की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार में तेजी स्टॉक की ग्रोथ को सपोर्ट देगी। निवेशक इसके साथ डिजिटल और रिटेल सेक्टर में होने वाले विकास पर ध्यान दें।
हालांकि, निवेशकों को याद रखना चाहिए कि शेयर में उतार-चढ़ाव अभी जारी रह सकता है। इसलिए पोर्टफोलियो में संतुलित निवेश रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। RIL के शेयर में दीर्घकालिक रिटर्न की संभावना के चलते ‘BUY’ रेटिंग निवेशकों के लिए अवसर की तरफ इशारा कर रही है।










