RIL Share Price: बाजार में कमजोरी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी, ब्रोकरेज ने बढ़ाया भरोसा

RIL Share Price: कमजोर बाजार के बीच Reliance Industries के शेयर में तेजी देखने को मिली। मजबूत प्रदर्शन के बाद ब्रोकरेज हाउस का भरोसा भी बढ़ा है। जानें शेयर में

शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार को तेजी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 1 फीसदी से अधिक चढ़कर 1,346.25 रुपये तक पहुंच गया।

RIL Share Price: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को व्यापक कमजोरी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी के जून तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों की नजर अब ब्रोकरेज हाउस की राय और आगे के कारोबार पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान एक फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है।

मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इसके बाद सोमवार के कारोबारी सत्र में शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन को लेकर बाजार की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, हालांकि मुनाफे के आंकड़े पर एकमुश्त आय के ऊंचे आधार का असर पड़ा।

जून तिमाही में रिलायंस का प्रदर्शन कैसा रहा?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के परिचालन से राजस्व में सालाना आधार पर करीब 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह लगभग 3.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA में भी करीब 10 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 54,067 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रमुख कारोबारों में ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल सर्विसेज ने प्रदर्शन को मजबूती दी।

हालांकि, शेयरधारकों के लिए रिपोर्टेड कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह पिछले साल की तुलना में अन्य आय में कमी और पिछले वर्ष के एकमुश्त लाभ का ऊंचा आधार रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शेयरधारकों के लिए मुनाफा करीब 20,946 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 22 फीसदी से अधिक कम है।

डिजिटल सर्विसेज कारोबार में भी मजबूत वृद्धि जारी रही। वहीं, ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार के EBITDA में सालाना आधार पर करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, रिटेल कारोबार की आय बढ़ी, लेकिन EBITDA में मामूली गिरावट रही, जिससे निवेशकों का ध्यान अब इस सेगमेंट की लाभप्रदता पर भी बना हुआ है।

ब्रोकरेज हाउस का रिलायंस पर क्या है रुख?

RIL Share Price: बाजार में कमजोरी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी, ब्रोकरेज ने बढ़ाया भरोसा

रिलायंस के तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों की राय पर भी निवेशकों की नजर है। बाजार में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रमुख ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर पर सकारात्मक रुख कायम रखा है और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए ऊंचे टारगेट प्राइस दिए हैं। नोमुरा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए अपने टारगेट प्राइस को 1,690 रुपये प्रति शेयर तक बढ़ाया है। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी Buy रेटिंग दोहराई है। हालांकि, अलग-अलग समय पर प्रकाशित ब्रोकरेज रिपोर्टों में टारगेट प्राइस में बदलाव देखने को मिला है, इसलिए निवेशकों को किसी एक आंकड़े के बजाय नवीनतम रिपोर्ट को आधार बनाना चाहिए। नुवामा ने भी रिलायंस पर Buy रेटिंग के साथ 1,765 रुपये का टारगेट बताया है, जबकि अन्य ब्रोकरेज संस्थानों ने भी कंपनी के शेयर में संभावित तेजी की गुंजाइश जताई है। हालांकि, ये सभी लक्ष्य संबंधित ब्रोकरेज के अनुमान हैं और इन्हें निश्चित शेयर मूल्य या गारंटीड रिटर्न के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Jio, Retail और New Energy पर निवेशकों की नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के भविष्य के मूल्यांकन में उसके पारंपरिक ऊर्जा कारोबार के अलावा डिजिटल सेवाएं, रिलायंस रिटेल, न्यू एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नए कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Jio का डिजिटल कारोबार लगातार कंपनी के प्रमुख ग्रोथ इंजन में बना हुआ है। वहीं, रिटेल कारोबार में निवेशक राजस्व वृद्धि के साथ मार्जिन और लाभप्रदता में सुधार पर नजर रख रहे हैं। नई ऊर्जा और AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में कंपनी की निवेश योजनाएं भी लंबे समय के मूल्यांकन को प्रभावित कर सकती हैं।

क्या रिलायंस का शेयर खरीदना चाहिए?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर कई ब्रोकरेज का सकारात्मक रुख जरूर है, लेकिन किसी भी निवेशक के लिए Buy, Hold या Sell का फैसला केवल ब्रोकरेज टारगेट के आधार पर लेना उचित नहीं है। शेयर बाजार में कंपनी के तिमाही नतीजे, वैल्यूएशन, कच्चे तेल की कीमतें, रिफाइनिंग मार्जिन, रिटेल की लाभप्रदता, Jio की ग्रोथ और नई ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति जैसे कई कारक शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।

कंपनी का 52-सप्ताह का उच्च स्तर 1,611.20 रुपये बताया गया है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या रिलायंस आने वाली तिमाहियों में अपने डिजिटल, रिटेल और ऊर्जा कारोबार में टिकाऊ वृद्धि बनाए रख पाती है।

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