RIL स्टॉक में कमजोरी, ब्रोकरेज ने BUY के साथ 1,808 रुपये का रखा टारगेट

RIL स्टॉक में कमजोरी, ब्रोकरेज ने BUY के साथ 1,808 रुपये का रखा टारगेट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q3FY26 नतीजों के बाद स्टॉक 3% से ज्यादा गिरा। नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ और रेवेन्यू 2.69 लाख करोड़ रहा। O2C और डिजिटल बिजनेस ने कमजोरी संभाली। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर BUY सलाह जारी की।

RIL Q3 Result: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद सोमवार को कंपनी के शेयरों में दबाव देखने को मिला। सुबह मामूली कमजोरी के साथ शुरूआत के बाद स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1405 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। BSE पर स्टॉक 1455 रुपये पर खुला था, जबकि शुक्रवार को यह 1457 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी का मार्केट कैप 19.02 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया।

तीसरी तिमाही (Q3FY26) में RIL का नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के 18,540 करोड़ रुपये के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी है। रेवेन्यू 2.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली साल की समान अवधि में यह 2.43 लाख करोड़ रुपये था।

O2C और डिजिटल बिजनेस ने संभाला दबाव

ब्रोकरेज हाउसों का कहना है कि RIL के O2C (Oil to Chemicals) और डिजिटल बिजनेस में मजबूती रही, जिसने रिटेल बिजनेस की कमजोरी को संभाला। हालांकि, रिटेल सेक्टर ने दबाव बढ़ाया। रिलायंस रिटेल की ग्रोथ Q2 के त्योहारी सीजन के शिफ्ट होने, FMCG डीमर्जर और क्विक कॉमर्स में तेजी से निवेश के कारण अपेक्षा से कम रही। नए लेबर कोड और बढ़ती लागत भी रिटेल के EBITDA पर असर डाल रहे हैं।

JIO प्लेटफॉर्म्स ने Q3 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। सब्सक्राइबर बेस में विस्तार, ARPU (Average Revenue Per User) में सुधार और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते पैमाने ने कंपनी के नेट प्रॉफिट में योगदान दिया। डिजिटल बिजनेस ने शेयरholders को थोड़ी राहत दी।

न्यू एनर्जी, AI और JIO लिस्टिंग अगले तीन बड़े ग्रोथ इंजन

ब्रोकरेज फर्म Nuvama का मानना है कि RIL के लिए आने वाले सालों में तीन नए ग्रोथ इंजन अहम भूमिका निभाएंगे। पहला, न्यू एनर्जी बिजनेस है, जहां सेल और मॉड्यूल प्लांट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 10GW सोलर मॉड्यूल और सेल प्रोजेक्ट FY27 में मुनाफे में करीब 6% का योगदान दे सकता है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज (BESS) प्लांट मिड-2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

दूसरा, ग्रीन हाइड्रोजन (GH2) के लिए कच्छ में 20GW RTC पावर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। इससे कैप्टिव पावर कॉस्ट में 25% से ज्यादा की कटौती हो सकती है, जो कंपनी के मुनाफे को बढ़ाएगी। तीसरा, AI बिजनेस, जिसमें निवेश नई कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंसी (Reliance Intelligence) के जरिए किए जाएंगे।

इसके अलावा, FMCG बिजनेस (RCPL) को रिटेल से अलग कर ब्रांड बिल्डिंग और फूड पार्क पर फोकस किया जाएगा। ब्रोकरेज का मानना है कि ये तीन नए ग्रोथ इंजन RIL के स्टॉक के प्रदर्शन में लंबी अवधि में मजबूती देंगे।

ब्रोकरेज हाउसों की BUY सलाह और टारगेट प्राइस

Nuvama ने RIL पर BUY की सलाह दी है और 1,808 रुपये प्रति शेयर का टारगेट रखा है। मौजूदा भाव से स्टॉक में करीब 25% तक का अपसाइड देखा जा सकता है।

मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने भी RIL पर खरीदारी की सलाह दी है और 1,750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Q3 कमजोर रही, लेकिन O2C और डिजिटल बिजनेस ने कमजोरी को संभाला।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique) ने भी RIL पर ₹1,700 के लक्ष्य के साथ खरीदारी की सलाह दी है। उनके अनुसार निकट अवधि में स्टॉक का प्रदर्शन JIO लिस्टिंग, AI प्रगति और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर आधारित रहेगा।

RIL के Q3 नतीजों का विश्लेषण

RIL का अक्टूबर-दिसंबर 2025 का Q3 दिखाता है कि कुल नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 2.69 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। O2C बिजनेस में सुधार हुआ, लेकिन KG-D6 गैस उत्पादन में कमी से अपस्ट्रीम बिजनेस दबाव में रहा।

रिटेल बिजनेस कमजोर रहा, जिससे कुल EBITDA उम्मीद से कम रही। हालांकि डिजिटल बिजनेस में सब्सक्राइबर बढ़ने से थोड़ा सहारा मिला।

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