रिफाइनरी आग मामले में स्थिति साफ, HPCL ने नुकसान और पुनः संचालन पर दिया बयान

HPCL ने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी में आग से सीमित नुकसान हुआ है। 6 उपकरण प्रभावित हुए, मरम्मत जारी है और यूनिट मई 2026 में शुरू होगी।

Hindustan Petroleum Corporation Limited ने बताया कि Pachpadra Refinery में आग से सीमित नुकसान हुआ है और प्रभावित 6 उपकरणों की मरम्मत जारी है। यूनिट को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में शुरू करने की संभावना है।

पचपदरा रिफाइनरी आग अपडेट में Hindustan Petroleum Corporation Limited ने स्पष्ट किया है कि Pachpadra Refinery में 20 अप्रैल 2026 को लगी आग केवल एक सीमित यूनिट तक ही रही। जांच में पाया गया कि हीट एक्सचेंजर स्टैक तक आग सीमित थी, जिससे 6 एक्सचेंजर और संबंधित उपकरण प्रभावित हुए। कंपनी के अनुसार मरम्मत कार्य 3–4 सप्ताह में पूरा हो जाएगा और मुख्य यूनिट का ट्रायल प्रोडक्शन मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में शुरू होने की उम्मीद है।

पचपदरा रिफाइनरी में आग: शुरुआती जांच में सीमित नुकसान की पुष्टि

राजस्थान के Pachpadra Refinery में हाल ही में लगी आग के मामले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अहम जानकारी साझा की है। घटना के बाद की जांच में यह सामने आया है कि आग का असर सीमित क्षेत्र तक ही रहा और बड़े स्तर पर यूनिट को नुकसान नहीं हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रिफाइनरी की एक विशिष्ट तकनीकी इकाई तक सीमित रही, जिसकी विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक आकलन के आधार पर सुरक्षा मानकों और उपकरणों की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे जोखिमों को रोका जा सके।

कौन-कौन से उपकरण प्रभावित हुए, क्या है कारण

HPCL की रिपोर्ट के मुताबिक आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित रही, जिससे केवल 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े कुछ सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन में प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव इस घटना का कारण हो सकता है।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रिस्टोरेशन कार्य तेजी से चल रहा है और इसे अगले 3 से 4 सप्ताह में पूरा किए जाने की संभावना है। साथ ही सुरक्षा और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

यूनिट कब शुरू होगी और उत्पादन की स्थिति

HPCL के अनुसार रिफाइनरी की सीडीयू यूनिट को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में फिर से शुरू किए जाने की उम्मीद है। अन्य सहायक इकाइयां पहले से ही कमीशनिंग के अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रिया धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है।

अधिकारियों का कहना है कि मुख्य उत्पादों जैसे LPG, MS, HSD और Naphtha का परीक्षण उत्पादन मई 2026 में शुरू होने की संभावना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी इकाइयों को स्थिर संचालन में लाया जाएगा।

परियोजना का महत्व और आर्थिक प्रभाव

करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। इसमें HPCL की 74% और राज्य सरकार की 26% हिस्सेदारी है।

यह परियोजना क्षेत्रीय रोजगार, औद्योगिक विकास और ऊर्जा उत्पादन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि आग की घटना के कारण उद्घाटन और संचालन प्रक्रिया में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन कंपनी का दावा है कि परियोजना निर्धारित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है।

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