अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने इंडस्ट्री में चल रहे पेड पीआर पर खुलकर अपनी बात रखी और पीआर कल्चर की असलियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन अभिनेताओं का जिक्र किया जो अपने काम की वजह से नहीं बल्कि पर्दे के पीछे किए जाने वाले प्रचार और पीआर की वजह से सुर्खियों में रहते हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में चल रहे ‘पेड पीआर’ कल्चर पर खुलकर बात की है। उन्होंने न सिर्फ इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाए, बल्कि उन कलाकारों पर भी निशाना साधा जो अपने काम से ज्यादा पर्दे के पीछे किए गए प्रचार के कारण सुर्खियों में रहते हैं। रकुल का मानना है कि सकारात्मक कर्म और ईमानदार मेहनत ही किसी कलाकार की असली पहचान बनाते हैं, न कि आक्रामक पीआर रणनीतियां।
“थोड़ा-बहुत पीआर तो सबको करना पड़ता है”
हाल ही में जूम टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि कुछ लोग अपनी छवि चमकाने के लिए हद से ज्यादा पीआर का सहारा क्यों लेते हैं। उन्होंने कहा,
'इंडस्ट्री में हमें अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए थोड़ा-बहुत पीआर करना पड़ता है, यह सच है। लेकिन कुछ लोग इसे इस हद तक ले जाते हैं कि वे दूसरों की बुराई करने लगते हैं। मैं सोचती हूं—आप जीवन में कितने नकारात्मक हो सकते हैं? आखिर ऐसे लोग खुद से कैसे संतुष्ट रहते होंगे?'
रकुल ने आगे कहा कि वह कर्म में विश्वास करती हैं। उनके मुताबिक, अच्छे कर्म का फल अच्छा ही मिलता है। मेरा दिमाग स्वाभाविक रूप से पीआर की चालें सोचने के लिए नहीं बना है। मैं काम पर भरोसा करती हूं, न कि दिखावे पर।
पेड पीआर: चमक या भ्रम?
रकुल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब बॉलीवुड में ‘इमेज मैनेजमेंट एजेंसियों’ और पेड मीडिया कवरेज को लेकर लगातार बहस चल रही है। कई बार कलाकारों पर आरोप लगता है कि वे अपने प्रदर्शन के बजाय रणनीतिक प्रचार के दम पर लाइमलाइट में बने रहते हैं। फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल युग में पीआर जरूरी हो गया है, लेकिन जब यह प्रतिस्पर्धा को नकारात्मक बना दे, तब यह इंडस्ट्री के लिए हानिकारक हो सकता है। रकुल का बयान इसी संतुलन की ओर इशारा करता है।
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पैपराजी कल्चर पर भी खुलकर बोलीं रकुल
रकुल प्रीत सिंह ने पैपराजी संस्कृति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता नहीं रहती कि वे कैमरों में कैसे दिख रही हैं। उन्होंने हंसते हुए बताया,
'मेरी मां कभी-कभी मुझे फोन करके कहती हैं—‘तुमने फिर वही जींस पहन ली? इस महीने पांचवीं बार तुम्हारी इसी आउटफिट में तस्वीर छपी है।’ लेकिन सच यह है कि जब भी हम बाहर जाते हैं, तो अच्छा दिखने की कोशिश करते हैं। कभी हम पूरी तरह तैयार होते हैं, कभी नहीं—और यह बिल्कुल सामान्य है।'
रकुल ने लोगों से अपील की कि वे खुद पर अनावश्यक दबाव न डालें और सोशल मीडिया या पैपराजी की नजरों से अपनी कीमत तय न करें।
रकुल प्रीत सिंह का वर्कफ्रंट
पेशेवर मोर्चे पर रकुल प्रीत सिंह लगातार व्यस्त हैं। वह पिछली बार ‘दे दे प्यार दे 2’ में नजर आई थीं, जिसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। आगे उनकी पाइपलाइन में कई बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं:
- ‘पति पत्नी और वो 2’ – आयुष्मान खुराना और वामिका गब्बी के साथ
- ‘इंडियन 3’ – कमल हासन की बहुप्रतीक्षित फिल्म
- ‘रामायण’ (नितेश तिवारी निर्देशित) – रणबीर कपूर के साथ; इसमें रकुल सूर्पनखा की भूमिका निभाएंगी। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी, जिसका पहला पार्ट दिवाली 2026 पर आने की उम्मीद है।
रकुल का बयान सिर्फ व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि बॉलीवुड के मौजूदा माहौल पर एक स्पष्ट टिप्पणी है। वह चाहती हैं कि कलाकार अपने काम से पहचान बनाएं, न कि नकारात्मक पीआर या कॉन्ट्रोवर्सी से।









