बेंगलुरु में अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उनकी मिमिक्री से जुड़ा है, जिसमें उन पर कांतारा दैवा की मजाकिया नकल करने और चावुंडी दैवा को भूतनी बताने का आरोप है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच पर कांतारा: ए लीजेंड – चैप्टर 1 फिल्म के दैवा वाले सीन की नकल करते हुए चावुंडी दैवा को भूत बताया और इस तरह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में नफरत और दुश्मनी फैलाने का प्रयास किया।
एफआईआर बुधवार को दर्ज की गई और इसे भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 196, 299 और 302 के तहत रजिस्टर किया गया। शिकायतकर्ता बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल (46) हैं।
घटना की पृष्ठभूमि
घटना 28 नवंबर 2025 की है, जब रणवीर सिंह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) 2025 के क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान मंच पर उपस्थित थे। इस इवेंट में उन्होंने फिल्म कांतारा: ए लीजेंड – चैप्टर 1 के दैवा वाले सीन की मिमिक्री की, जिसे बाद में धार्मिक और स्थानीय समुदाय ने अपमानजनक और असम्मानजनक माना।
एफआईआर में शिकायतकर्ता का दावा है कि रणवीर सिंह ने मंच पर पंजुर्ली और गुलिगा दैव से जुड़े भावों की भद्दी और हास्यास्पद नकल की। इसके साथ ही उन्होंने पवित्र चावुंडी दैवा को भूत बताया, जो कि कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में पूजनीय देवी मानी जाती हैं और दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं।

आरोपों का विवरण
शिकायत में कहा गया है कि रणवीर सिंह का यह प्रदर्शन जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया, जिसका उद्देश्य केवल मजाक करना नहीं था, बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और समाज में नफरत और दुश्मनी बढ़ाना था। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना का वीडियो 2 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु स्थित कर्नाटक स्टेट बिलियर्ड्स एसोसिएशन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखा गया। वीडियो को सोशल मीडिया पर ब्रीफ चाट नाम के अकाउंट द्वारा साझा किया गया था, जिससे यह विवाद और बढ़ गया।
चावुंडी दैवा कर्नाटक की तटीय संस्कति में एक अत्यंत पूजनीय देवी हैं। स्थानीय समुदाय का कहना है कि इस देवी को भूत या हास्यास्पद रूप में पेश करना सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के लिए गंभीर अपमान है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस प्रकार के कार्य से भक्तों को मानसिक पीड़ा हुई और समाज में विभाजन और नफरत फैलाने का खतरा बढ़ गया।
कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई
इस मामले को बेंगलुरु स्थित प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट (CMM) न्यायालय में भेजा गया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को तय की है। एफआईआर दर्ज होने के बाद बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं का सम्मान करना आवश्यक है और कानूनी प्रक्रिया से मामले का निष्पक्ष निपटारा होना चाहिए।








