रोमानिया के तट पर टैंकर में भीषण आग, 8 चालक दल सदस्य लापता; काला सागर में ड्रोन हमले की आशंका

काला सागर में रोमानिया के तट के पास टैंकर वाइन ट्रेडर में विस्फोट और आग के बाद 8 चालक दल सदस्य लापता हैं। बचाव अभियान जारी है, जबकि ड्रोन हमले की आशंका

रोमानिया के तट के पास काला सागर में वाइन ट्रेडर टैंकर में कई विस्फोटों के बाद आग लग गई। चालक दल के 12 सदस्यों में से आठ लापता हैं। चार लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।

बुखारेस्ट: काला सागर में रोमानिया के तट के पास एक तेल टैंकर में आग लगने और कई विस्फोटों की सूचना के बाद आठ चालक दल सदस्य लापता हो गए हैं। रोमानियाई नौसैनिक अधिकारियों के अनुसार, सैन मैरिनो के ध्वज वाला टैंकर वाइन ट्रेडर गुरुवार सुबह दुर्घटना का शिकार हुआ। जहाज पर कुल 12 लोग सवार थे, जिनमें से चार के जीवित होने की पुष्टि की गई है। लापता लोगों की तलाश और जीवित बचे सदस्यों तक पहुंचने के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

इस घटना के बीच आसपास के जहाजों से टैंकर पर दो ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी और घटना के सटीक कारण की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

डेन्यूब नदी के मुहाने के पास हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वाइन ट्रेडर रोमानिया के सुलिना क्षेत्र में डेन्यूब नदी के मुहाने से लगभग 13 समुद्री मील यानी करीब 24 किलोमीटर पूर्व में था। इसी दौरान जहाज ने विस्फोटों और आग लगने की सूचना दी।

टैंकर ट्यूनीशिया से रोमानिया की ओर जा रहा था। स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 7 बजे, यानी ग्रीनविच मीन टाइम के अनुसार सुबह 5 बजे, जहाज पर कई विस्फोट होने की खबर दी गई। इसके बाद जहाज में आग लग गई और चालक दल के आठ सदस्यों से संपर्क या उनकी स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।

घटना की सूचना मिलने के बाद रोमानियाई अधिकारियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। समुद्र में ऊंची लहरों के कारण राहतकर्मियों के लिए काम करना चुनौतीपूर्ण बताया गया है।

ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और बचाव नौकाएं तैनात

रोमानिया के अधिकारियों ने लापता चालक दल सदस्यों की तलाश के लिए दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और दो बचाव नौकाएं तैनात की हैं। रोमानिया के आंतरिक मंत्रालय ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें एक हेलीकॉप्टर आग से प्रभावित टैंकर के ऊपर मंडराता दिखाई देता है।

बचाव अभियान की पहली प्राथमिकता जहाज पर मौजूद उन चार सदस्यों तक पहुंचना है, जिनके जीवित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही लापता आठ लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के सामने एक बड़ी चुनौती खराब समुद्री परिस्थितियां हैं। ऊंची लहरों के बीच जहाज तक पहुंचना और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना जोखिम भरा हो सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में चालक दल के सदस्यों की राष्ट्रीयता, उनकी पहचान और आग से जहाज को हुए नुकसान का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।

दो ड्रोन हमलों की आशंका, लेकिन पुष्टि बाकी

घटना के बाद आसपास मौजूद जहाजों से मिली खबरों में दावा किया गया कि वाइन ट्रेडर को दो ड्रोन ने निशाना बनाया था। इसी दौरान यूक्रेन के स्नेक आइलैंड के पास रात में रूसी ड्रोन देखे जाने की भी सूचना दी गई।

हालांकि, इन जानकारियों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा कि टैंकर पर हमला किसने किया या विस्फोटों का कारण क्या था। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

रूस ने हाल में दावा किया था कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह की ओर सैन्य सामग्री लेकर जा रहे दो मालवाहक जहाजों को समुद्री यात्रा के दौरान निशाना बनाया गया। रूस ने उन जहाजों के नाम नहीं बताए। इस दावे और वाइन ट्रेडर की घटना के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।

बुल्गारिया के तट पर भी जहाजों पर हमलों की खबर

काला सागर के पश्चिमी हिस्से में व्यापारिक जहाजों से जुड़ी घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। मंगलवार को रोमानिया के पड़ोसी देश बुल्गारिया के तट के पास दो व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन हमले होने की खबर आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उनमें से एक जहाज डूब गया और उस घटना के बाद 11 चालक दल सदस्यों के लापता होने की सूचना दी गई।

बुल्गारिया ने उस हमले में रूस की संभावित भूमिका को लेकर संदेह जताया था और रूसी राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किया था। हालांकि, किसी हमले के लिए जिम्मेदारी तय करने हेतु स्वतंत्र जांच और पुष्ट साक्ष्य आवश्यक होते हैं।

इन घटनाओं ने क्षेत्र में नौवहन की सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और समुद्री मार्गों पर सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

नाटो की संधि के अनुच्छेद 4 पर चर्चा की संभावना

रोमानिया और बुल्गारिया के राष्ट्रपति इस घटनाक्रम के बीच नाटो संधि के अनुच्छेद 4 को लागू करने की संभावना पर चर्चा करने वाले हैं। यह प्रावधान किसी सदस्य देश को अपने सहयोगियों के साथ औपचारिक विचार-विमर्श का अनुरोध करने की अनुमति देता है, यदि उसे लगता है कि उसकी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा खतरे में है।

अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श का अनुरोध अपने आप में सैन्य कार्रवाई या सामूहिक रक्षा की घोषणा नहीं होता। इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा संकट पर सहयोगी देशों के बीच चर्चा और समन्वय का रास्ता खोलना है।

काला सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए इस तरह की चर्चा का महत्व बढ़ गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि अनुच्छेद 4 के तहत औपचारिक अनुरोध किया जा चुका है या नहीं।

रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित काला सागर का व्यापार

काला सागर यूक्रेन के निर्यात और आयात के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यूक्रेन और रूस दोनों वैश्विक अनाज बाजार के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं। इसलिए इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कृषि वस्तुओं और अन्य व्यापारिक सामान की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

यूक्रेन ने पश्चिमी काला सागर में नागरिक जहाजों पर पहले हुए हमलों के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी काला सागर को रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव बढ़ने का एक और मोर्चा बनने पर चिंता जताई थी।

रूस का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई यूक्रेनी बंदरगाहों तक हथियार और दोहरे उपयोग वाली सामग्री पहुंचाने वाले जहाजों को निशाना बनाती है। दूसरी ओर, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों का आरोप है कि अनाज तथा अन्य नागरिक सामान ले जाने वाले व्यापारिक जहाज भी हमलों की चपेट में आ रहे हैं। मॉस्को ने काला सागर में नौसैनिक संघर्षविराम की अमेरिकी और यूरोपीय अपीलों को बार-बार खारिज किया है और क्षेत्र में रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमलों के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है।

अब बचाव अभियान और जांच पर नजर

वाइन ट्रेडर में आग और विस्फोटों की घटना ने काला सागर में समुद्री सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को फिर उजागर किया है। फिलहाल रोमानियाई बचाव दल की प्राथमिकता चार जीवित सदस्यों तक सुरक्षित पहुंचने और लापता आठ लोगों की तलाश जारी रखने की है।

जहाज पर विस्फोटों के कारण, संभावित ड्रोन हमले और जिम्मेदार पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। तब तक हमले से संबंधित दावों को अपुष्ट जानकारी के रूप में देखना जरूरी है। इस घटना का असर केवल चालक दल और जहाज तक सीमित नहीं है; यह रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में व्यापारिक नौवहन की सुरक्षा को लेकर व्यापक सवाल भी खड़े करती है।

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