रुखसार रहमान: IAS अफसर बनना चाहती थीं एक्ट्रेस, सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर बोलीं- चुप रहना ही बेहतर

एक्ट्रेस रुखसार रहमान ने बताया कि वह पिता की तरह IAS अफसर बनना चाहती थीं। सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में चुप रहना ही बेहतर है।

महज 16-17 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली अभिनेत्री रुखसार रहमान को देखकर शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि कभी उनका सपना एक्ट्रेस बनने का नहीं, बल्कि IAS अफसर बनने का था।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री रुखसार रहमान ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। एक खास बातचीत में अभिनेत्री ने बताया कि अभिनय की दुनिया में आने से पहले उनका सपना फिल्म स्टार बनने का नहीं, बल्कि अपने पिता की तरह आईएएस अधिकारी बनने का था। हालांकि, किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही रास्ता चुना और कम उम्र में ही उन्हें फिल्म का प्रस्ताव मिल गया।

रुखसार रहमान ने बताया कि उनके पिता आईएएस अधिकारी थे और उनके कामकाज तथा सामाजिक प्रतिष्ठा से वह काफी प्रभावित थीं। इसी वजह से बचपन से ही उनके मन में सिविल सर्विस में जाने की इच्छा पैदा हुई थी।

नौवीं कक्षा से शुरू कर दी थी IAS की तैयारी

रुखसार के मुताबिक, उन्होंने काफी कम उम्र में ही आईएएस बनने का सपना देखना शुरू कर दिया था। उस दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध गाइड और अध्ययन सामग्री को वह नौवीं कक्षा से पढ़ने लगी थीं। अभिनेत्री ने बताया कि उस समय उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका करियर फिल्मों की ओर मुड़ जाएगा। वह पढ़ाई पूरी करके सिविल सर्विस में जाने की योजना बना रही थीं, लेकिन नौवीं कक्षा की पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई थी कि उन्हें पहली फिल्म का ऑफर मिल गया।

इस प्रस्ताव ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। बेहद कम उम्र में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते उनका सफर फिल्मों तक पहुंच गया।

फिल्मों में कैसे हुई एंट्री?

रुखसार रहमान ने कहा कि उनकी पहली फिल्म का प्रस्ताव अचानक आया था। उस समय उनका लक्ष्य अभिनेत्री बनना नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर परिस्थितियां अलग होतीं तो शायद आज उनकी पहचान एक अभिनेत्री के बजाय आईएएस अधिकारी के तौर पर होती। अपने फिल्मी सफर में रुखसार ने कई चर्चित फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल के वर्षों में भी वह लगातार अभिनय करती रही हैं और ‘याद रखेगी दुनिया’ से लेकर ‘उत्तर दा पुत्तर’ और ‘बटवारा’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आई हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी किया जिक्र

रुखसार सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया ट्रोलिंग और वीडियो कंटेंट को एडिट करके पेश किए जाने की समस्या पर खुलकर बात की। अभिनेत्री ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्हें सोशल मीडिया से जुड़ा बेहद खराब अनुभव हुआ था। उनके मुताबिक, आजकल इंटरव्यू या पॉडकास्ट के लंबे वीडियो से छोटे-छोटे हिस्से काटकर इस तरह पेश किए जाते हैं कि मूल बात का अर्थ ही बदल जाता है।

उन्होंने एक पॉडकास्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके बयान के एक छोटे क्लिप को संदर्भ से अलग करके वायरल किया गया। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ तक कह दिया। रुखसार का कहना है कि जिस पूरे पॉडकास्ट में उन्होंने बात रखी थी, उसमें उनका बयान सही संदर्भ और पूरी बात के साथ सामने आया था। लेकिन वायरल क्लिप के जरिए लोगों के बीच अलग धारणा बनाने की कोशिश की गई।

ट्रोल्स को जवाब देना पसंद नहीं

सोशल मीडिया पर नकारात्मक टिप्पणियों से निपटने के अपने तरीके के बारे में रुखसार ने कहा कि वह ट्रोल्स को जवाब देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करना पसंद करती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी कई बार सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया गया। ऐसे मौकों पर उन्होंने कभी ट्रोल्स से बहस नहीं की। अभिनेत्री ने अपनी दादी की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि “एक चुप सौ को हराता है।”

रुखसार के मुताबिक, समय के साथ ट्रोल्स खुद शांत हो जाते हैं और उन्हें प्रतिक्रिया देने की जरूरत महसूस नहीं होती। हालांकि, कभी-कभार नकारात्मक टिप्पणियां अब भी सामने आती हैं, लेकिन वह उन्हें कोई महत्व नहीं देतीं।

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