रुमेश थारंगा पाथिरागे ने जीता डायमंड लीग फाइनल, 89.04 मीटर थ्रो के साथ रचा श्रीलंकाई इतिहास

श्रीलंका के रुमेश थारंगा पाथिरागे ने ब्रसेल्स मे डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता। उन्होंने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया। डेविड वेगनर 87.47 मीटर पीछे

श्रीलंका के रुमेश थारंगा पाथिरागे ने ब्रसेल्स में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता। उन्होंने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया। डेविड वेगनर 87.47 मीटर के साथ दूसरे और केशॉर्न वालकोट 83.99 मीटर के साथ तीसरे रहे।

Diamond League: श्रीलंका के जेवलिन थ्रोअर रुमेश थारंगा पाथिरागे ने डायमंड लीग फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। शनिवार को ब्रसेल्स के किंग बॉडॉइन स्टेडियम में आयोजित फाइनल में पाथिरागे ने अपने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ रुमेश थारंगा पाथिरागे डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीतने वाले श्रीलंका के पहले एथलीट बन गए। खराब और ठंडे मौसम के बीच हासिल की गई यह उपलब्धि उनके 2026 सीजन की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो गई है।

तीसरे प्रयास ने बदला मुकाबले का रुख

ब्रसेल्स में रुमेश पाथिरागे की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 80.42 मीटर और दूसरे प्रयास में 79.73 मीटर का थ्रो किया। शुरुआती दो राउंड के बाद वह शीर्ष स्थान की दौड़ में पीछे चल रहे थे।

इसी दौरान त्रिनिदाद एंड टोबैगो के पूर्व ओलंपिक चैंपियन केशॉर्न वालकोट ने 83.99 मीटर का थ्रो करते हुए बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद पोलैंड के डेविड वेगनर ने तीसरे राउंड में 87.47 मीटर का शानदार प्रयास किया और मुकाबले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।

हालांकि, वेगनर की बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रही। उनके थ्रो के तुरंत बाद रुमेश पाथिरागे ने अपने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर की दूरी हासिल की। इस थ्रो के साथ उन्होंने वेगनर को पीछे छोड़ दिया और प्रतियोगिता में पहली पोजीशन हासिल कर ली।

89.04 मीटर के थ्रो ने दिलाया खिताब

रुमेश का 89.04 मीटर का थ्रो पूरे मुकाबले का निर्णायक प्रदर्शन साबित हुआ। एक बार बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन को बनाए रखा और बाकी प्रयासों में भी मजबूत थ्रो किए।

चौथे प्रयास में उन्होंने 85.96 मीटर की दूरी तय की, जबकि पांचवें प्रयास में उनका थ्रो 85.76 मीटर रहा। हालांकि, छठा और अंतिम प्रयास फाउल हो गया, लेकिन तीसरे प्रयास में बनाया गया 89.04 मीटर का स्कोर उन्हें शीर्ष पर बनाए रखने के लिए पर्याप्त था।

इस तरह रुमेश ने फाइनल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए डायमंड लीग का खिताब हासिल किया और श्रीलंका के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।

डेविड वेगनर दूसरे और वालकोट तीसरे स्थान पर

फाइनल में पोलैंड के डेविड वेगनर ने 87.47 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने तीसरे राउंड में 87.47 मीटर का प्रयास करके कुछ समय के लिए बढ़त बनाई थी, लेकिन पाथिरागे के 89.04 मीटर के थ्रो ने उन्हें पीछे कर दिया।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशॉर्न वालकोट 83.99 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वालकोट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभवी एथलीट हैं और पूर्व ओलंपिक चैंपियन भी रह चुके हैं।

ग्रेनाडा के दो बार के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स ने 83.70 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया। इस तरह फाइनल में शीर्ष चार स्थान अलग-अलग देशों के एथलीटों के नाम रहे।

ठंडे मौसम में प्रदर्शन को लेकर पाथिरागे ने क्या कहा?

खिताब जीतने के बाद रुमेश पाथिरागे ने प्रतियोगिता की परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका जैसे छोटे देश से आकर इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स मीट में जीत हासिल करना उनके लिए बेहद खुशी की बात है।

उन्होंने यह भी बताया कि ब्रसेल्स में मौसम काफी कठिन और ठंडा था। उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों के कारण वह इससे भी बड़ा थ्रो नहीं कर सके।

इसके बावजूद 89.04 मीटर का प्रदर्शन उन्हें खिताब दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। खराब मौसम के बीच इस स्तर का प्रदर्शन उनकी मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है।

ज्यूरिख में बना चुके हैं 92.07 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड

डायमंड लीग फाइनल से पहले भी रुमेश पाथिरागे ने 2026 सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने ज्यूरिख डायमंड लीग में 92.07 मीटर का थ्रो करके श्रीलंका का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

92.07 मीटर का यह प्रदर्शन बताता है कि ब्रसेल्स में उनका 89.04 मीटर का थ्रो उनके सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कम था, लेकिन यह फाइनल जीतने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

इस सीजन में पाथिरागे लगातार 88 मीटर से ज्यादा दूरी के थ्रो करने में सफल रहे हैं। उनकी निरंतरता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय जेवलिन थ्रो प्रतियोगिताओं में मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया है।

राष्ट्रमंडल खेलों में भी जीत चुके हैं गोल्ड

रुमेश पाथिरागे के करियर में राष्ट्रमंडल खेलों की उपलब्धि भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीता था।

डायमंड लीग फाइनल की जीत ने उनके अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है। खास बात यह है कि उन्होंने ऐसी प्रतियोगिता में जीत दर्ज की, जिसमें दुनिया के शीर्ष जेवलिन थ्रोअर हिस्सा लेते हैं।

श्रीलंका के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पाथिरागे डायमंड लीग फाइनल जीतने वाले देश के पहले एथलीट बन गए हैं।

2026 सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन

रुमेश पाथिरागे का 2026 सीजन लगातार मजबूत प्रदर्शन से भरा रहा है। ज्यूरिख में 92.07 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के बाद उन्होंने ब्रसेल्स में डायमंड लीग फाइनल का खिताब भी हासिल कर लिया।

ब्रसेल्स फाइनल में उनकी रणनीति भी उल्लेखनीय रही। शुरुआती दो प्रयासों में 80 मीटर से थोड़ा अधिक और 80 मीटर से कम दूरी के थ्रो के बाद उन्होंने तीसरे प्रयास में अचानक प्रदर्शन का स्तर बढ़ाया।

89.04 मीटर के इस थ्रो ने न केवल उन्हें शीर्ष पर पहुंचाया, बल्कि मुकाबले की दिशा भी बदल दी। इसके बाद उनके 85.96 मीटर और 85.76 मीटर के प्रयासों ने उनकी स्थिति मजबूत बनाए रखी।

श्रीलंका के एथलेटिक्स इतिहास में बड़ी उपलब्धि

डायमंड लीग फाइनल की जीत श्रीलंका के एथलेटिक्स के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। रुमेश थारंगा पाथिरागे अब इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का फाइनल जीतने वाले देश के पहले एथलीट हैं।

उनकी सफलता ऐसे समय आई है जब वह पूरे सीजन में लगातार लंबी दूरी के थ्रो कर रहे हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड और डायमंड लीग फाइनल की जीत ने 2026 को उनके करियर के बेहद महत्वपूर्ण सीजन में बदल दिया है।

ब्रसेल्स में 89.04 मीटर का थ्रो भले ही उनके 92.07 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड से कम रहा, लेकिन निर्णायक मुकाबले में यही प्रयास उन्हें चैंपियन बनाने के लिए पर्याप्त था। पाथिरागे ने शुरुआती दबाव से उबरकर तीसरे प्रयास में बढ़त बनाई और अंत तक उसे कायम रखा।

उनकी यह जीत श्रीलंका के लिए डायमंड लीग के इतिहास में एक नई उपलब्धि है और अंतरराष्ट्रीय जेवलिन थ्रो में पाथिरागे की स्थिति को और मजबूत करती है।

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