सहारनपुर के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5,000 पात्र परिवारों को पक्के मकान देने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रशासन ने लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है और बीडीओ से पात्र परिवारों की सूची मांगी है।
उत्तर प्रदेश: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकान का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब 5,000 पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य निर्धारित होने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने लाभार्थियों की पहचान और चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी खंड विकास अधिकारियों को पात्र परिवारों की सूची जल्द जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
5,000 परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य
सहारनपुर के ग्रामीण इलाकों में ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ देने की तैयारी की जा रही है, जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत जिले में करीब 5,000 पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शासन से लक्ष्य मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों को चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विकासखंड स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान की जा रही है, ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लाभार्थियों की सूची तैयार की जा सके।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना है। जिले में कई परिवार अब भी कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे परिवारों के लिए योजना के तहत पक्का मकान मिलने से रहने की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
बीडीओ को पात्र परिवारों की सूची जल्द भेजने के निर्देश
शासन से लक्ष्य मिलने के बाद जिला स्तर पर लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। सभी खंड विकास अधिकारियों यानी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की सूची तैयार कर तत्काल जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं।
हाल ही में केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कराया गया था। इसी सर्वे में चिह्नित परिवारों की पात्रता की जांच कर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। योजना का लाभ उन जरूरतमंद परिवारों को दिया जाना है, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों और जिन्हें पहले इस योजना के तहत आवास का लाभ नहीं मिला है।
अधिकारियों को चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवास का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। केवल सूची में नाम शामिल होना ही अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाएगा; निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्रता की जांच और चयन पूरा किया जाएगा।
चयन के बाद जारी होगी आवास निर्माण की धनराशि
जिला स्तर पर लाभार्थियों की सूची प्राप्त होने के बाद संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धनराशि जारी की जाएगी। योजना के तहत पक्के मकान के साथ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रावधान बताया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग का जोर चयन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है। जिला स्तर पर सूची तैयार होने और उसकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन परिवारों को आवास स्वीकृत किया जाएगा।
करीब 5,000 परिवारों के लिए तय किया गया यह लक्ष्य सहारनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उन गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से पक्के घर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, आवास निर्माण और धनराशि जारी होने की समयसीमा के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है।










