Cyber Sakhi पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देकर डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की योजना शुरू की गई है। रिलायंस फाउंडेशन और C-DAC के सहयोग से चलने वाले इस कार्यक्रम का लक्ष्य लाखों महिलाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर खतरों से बचाना है।
Cyber Sakhi Initiative 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ISEA प्रोग्राम के तहत रिलायंस फाउंडेशन और C-DAC ने मिलकर ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश और ओडिशा से शुरुआत कर पूरे देश में महिलाओं को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देना है। इस प्रोग्राम में ऑडियो-विजुअल और स्थानीय भाषा आधारित मॉड्यूल के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि महिलाएं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचते हुए सुरक्षित डिजिटल उपयोग सीख सकें।
साइबर सखी क्या है और कैसे चलेगा प्रोग्राम
Cyber Sakhi पहल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के Information Security Education and Awareness (ISEA) प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया है। इसमें C-DAC प्रशिक्षण सामग्री तैयार कर रहा है, जिसे स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा।
रिलायंस फाउंडेशन इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करेगा। शुरुआत मध्य प्रदेश और ओडिशा से होगी, जिसके बाद इसे पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। प्रशिक्षण में ऑडियो-विजुअल और मल्टी-लैंग्वेज मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि ग्रामीण महिलाएं आसानी से सीख सकें।
डिजिटल युग में महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है यह पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी और डेटा चोरी के मामले भी बढ़े हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह कार्यक्रम महिलाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देने पर केंद्रित है।
इस पहल का मकसद महिलाओं को सिर्फ तकनीक से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल जोखिमों से बचाने की क्षमता देना भी है। इससे वे ऑनलाइन सेवाओं का सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगी।
कम्युनिटी मॉडल से फैलेगी जागरूकता
इस योजना की खास बात इसका समुदाय आधारित मॉडल है। ट्रेनिंग लेने वाली महिलाएं आगे चलकर अपने गांव और क्षेत्र में अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करेंगी।
इस तरह हर Cyber Sakhi अपने समुदाय में एक ट्रेनर की भूमिका निभाएगी, जिससे बिना बड़े ढांचे के यह अभियान तेजी से फैल सकेगा और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकेंगे।
महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम
रिलायंस फाउंडेशन का मानना है कि ग्रामीण भारत में महिलाएं तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रही हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सिखाना बेहद जरूरी है।
इस पहल से महिलाएं न सिर्फ साइबर खतरों से सुरक्षित होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का बेहतर उपयोग भी कर पाएंगी।










