चूरू जिले के सालासर में एजीटीएफ ने नकली घी बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। कार्रवाई में 7500 लीटर मिलावटी घी, बड़ी मात्रा में केमिकल और पैकिंग सामग्री जब्त की गई। मामले की जांच जारी है।
rajasthan: राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने सालासर इलाके में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रशिक्षु आईपीएस और एजीटीएफ प्रभारी अभिजीत पाटील के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार देर रात सालासर के शोभासर पुलिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर स्थित एक होटल-ढाबा परिसर पर छापा मारा।
पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि इस परिसर में अवैध रूप से नकली घी बनाने का काम किया जा रहा है, जिसे मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में खपाया जा रहा है।
केमिकल से तैयार हो रहा था घी
छापेमारी के दौरान टीम ने देखा कि होटल परिसर के भीतर बड़े स्तर पर घी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। जांच में सामने आया कि यहां शुद्ध घी नहीं, बल्कि अलग-अलग केमिकल और तेलों को मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था।
मौके से 200-200 लीटर क्षमता के 17 से 18 ड्रम बरामद किए गए, जिनमें घी बनाने वाले केमिकल भरे हुए थे। इसके अलावा 17-18 अन्य ड्रम भी मिले, जिनमें संदिग्ध रसायन मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार इन केमिकल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
7500 लीटर संदिग्ध घी जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 7500 लीटर नकली और संदिग्ध घी जब्त किया। यह घी टिन और ड्रम में पैक किया जा रहा था, ताकि बाजार में आसानी से खपाया जा सके।
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इसके साथ ही घी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले 414 टिनशेड डिब्बे भी जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह नकली घी आसपास के इलाकों में मिठाई दुकानों, होटल और ढाबों में सप्लाई किया जा रहा था।
स्वास्थ्य से खिलवाड़
एजीटीएफ प्रभारी अभिजीत पाटील ने बताया कि जब्त किए गए घी और केमिकल के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि इसमें कौन-कौन से रसायन मिलाए गए थे और इसका मानव स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग भी पूरे मामले की जांच में जुट गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली घी किन-किन स्थानों पर सप्लाई किया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आगे और गिरफ्तारियों की संभावना
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। नकली घी बनाने और सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी खुलासे होने की संभावना है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे घी और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।









