वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका देने की उठी मांग, कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा- ‘अगला सचिन मिल गया!’

पूर्व क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में चयन की मांग उठाई और उन्हें अगला सचिन तेंदुलकर बताया। जानिए क्यों क्रिकेट जगत में इस

भारतीय क्रिकेट को एक बार फिर “चाइल्ड प्रोडिजी” मिलता हुआ नजर आ रहा है। महज 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने विस्फोटक प्रदर्शन से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने बीसीसीआई से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द सीनियर टीम में शामिल करने की सिफारिश की है। श्रीकांत ने वैभव की तुलना महान सचिन तेंदुलकर से करते हुए कहा कि जिस तरह सचिन ने मात्र 16 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखकर अपनी छाप छोड़ी थी, वैभव में भी समान रूप से असाधारण प्रतिभा, धैर्य और तकनीक मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि वैभव ने बड़े उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ सहजता से खेलकर यह साबित कर दिया है कि उनमें उच्च स्तर के क्रिकेट के साथ तालमेल बिठाने की अद्भुत क्षमता है।

श्रीकांत की बड़ी सिफारिश

कृष्णमाचारी श्रीकांत का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में वही असाधारण प्रतिभा दिखाई देती है, जो कभी किशोर उम्र में सचिन तेंदुलकर में नजर आई थी। श्रीकांत ने कहा कि जैसे सचिन ने सिर्फ 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखकर दुनिया को चौंका दिया था, उसी तरह वैभव भी उम्र से कहीं आगे का क्रिकेट खेल रहा है।

अपने बयान में श्रीकांत ने स्पष्ट कहा कि वैभव ने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े और अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ भी सहजता से खेल सकते हैं। उनके अनुसार, तकनीक, धैर्य और आत्मविश्वास का जो मिश्रण वैभव की बल्लेबाजी में दिखता है, वह उन्हें खास बनाता है।

वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका देने की उठी मांग, कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा- ‘अगला सचिन मिल गया!’

विजय हजारे ट्रॉफी में ऐतिहासिक पारी

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने चयनकर्ताओं से लेकर दिग्गज खिलाड़ियों तक को हैरान कर दिया। उन्होंने एक मुकाबले में सिर्फ 84 गेंदों पर 190 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। खास बात यह रही कि वैभव ने अपना शतक महज 36 गेंदों में पूरा किया और लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

यह पारी न सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से ऐतिहासिक थी, बल्कि इससे उनकी निडर सोच और आक्रामक बल्लेबाजी का भी परिचय मिला। गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और दर्शकों को एक भविष्य के सुपरस्टार की झलक देखने को मिली।

आलोचकों को श्रीकांत का जवाब

अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान श्रीकांत ने उन आलोचकों को भी जवाब दिया, जो कहते हैं कि वैभव को अभी और अनुभव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रन कहां बन रहे हैं, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना यह कि खिलाड़ी लगातार रन बना रहा है। श्रीकांत ने साफ कहा, “लोग कहते हैं कि वह कमजोर टीमों के खिलाफ खेल रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यह लड़का हर मैच में गेंदबाजों पर हावी हो रहा है। चाहे अंडर-19 क्रिकेट हो, घरेलू टूर्नामेंट या आईपीएल का मंच—वैभव हर जगह खुद को साबित कर रहा है।”

श्रीकांत ने बीसीसीआई को सुझाव दिया कि चयन में उम्र को नहीं, बल्कि वर्तमान फॉर्म और क्षमता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने माना कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए समय कम हो सकता है, लेकिन अगर वैभव को अभी से सीनियर टीम के माहौल में शामिल किया जाए, तो वह जल्दी ढल सकते हैं।उनका मानना है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में वैभव को वही आजादी और मौका दिया जा सकता है, जो शुरुआती दौर में सचिन तेंदुलकर को मिला था।

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