सात्विक-चिराग तीसरी बार चाइना मास्टर्स के फाइनल में, खिताब के लिए चीन से मुकाबला

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चाइना मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे। सेमीफाइनल में मलेशिया को हराया, अब चीन की जोड़ी से खिताबी मुकाबला होगा।

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स के फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में मलेशिया के नूर मोहम्मद अज्रिन और तान वी कियोंग को 21-16, 18-21, 21-11 से हराया। फाइनल में चीन से मुकाबला होगा।

China Master's 2026: भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को शेनझेन एरिना में खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के नूर मोहम्मद अज्रिन और तान वी कियोंग को 21-16, 18-21, 21-11 से हराया। एक घंटे 6 मिनट चले मुकाबले में सात्विक और चिराग ने खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की। पहला गेम जीतने के बाद भारतीय जोड़ी को दूसरे गेम में मलेशियाई खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन निर्णायक गेम में उन्होंने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

फाइनल में अब भारतीय जोड़ी का सामना चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू से होगा। सात्विक और चिराग के पास इस बार चाइना मास्टर्स में पहली बार खिताब जीतने का मौका है।

पिछले चार साल में तीसरी बार फाइनल में पहुंचे

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पिछले चार वर्षों में तीसरी बार चाइना मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे हैं। हालांकि, दोनों अब तक इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सके हैं।

इस बार भारतीय जोड़ी की कोशिश पिछले फाइनल के अनुभवों से आगे बढ़ते हुए खिताब जीतने की होगी। टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने एक बार फिर फाइनल का टिकट हासिल किया है।

अब उनके सामने घरेलू कोर्ट पर खेलने वाली चीन की जोड़ी की चुनौती होगी। फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों को अपनी आक्रामक शैली के साथ-साथ रैलियों में धैर्य और दबाव संभालने की क्षमता भी दिखानी होगी।

सेमीफाइनल में 0-5 से पिछड़ गए थे सात्विक-चिराग

मलेशिया के नूर मोहम्मद अज्रिन और तान वी कियोंग के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मैच के पहले गेम में सात्विक और चिराग शुरुआती दौर में 0-5 से पीछे हो गए थे।

इसके बाद दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने तेजी से वापसी की। उन्होंने लगातार सात अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-5 कर दिया और मुकाबले में पहली बार बढ़त बनाई।

यहां से सात्विक-चिराग ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने मलेशियाई जोड़ी को लगातार दबाव में रखा और पहले गेम को 21-16 से जीत लिया।

पहले गेम में पिछड़ने के बाद मलेशियाई जोड़ी ने दूसरे गेम में रणनीति बदली और भारतीय खिलाड़ियों को बराबरी की चुनौती दी।

दूसरे गेम में मलेशिया ने की वापसी

दूसरे गेम में नूर मोहम्मद अज्रिन और तान वी कियोंग ने बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने भारतीय जोड़ी को लगातार चुनौती दी और गेम के अहम मौकों पर अंक हासिल किए।

सात्विक और चिराग ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन मलेशियाई जोड़ी ने 21-18 से दूसरा गेम जीत लिया।

दूसरा गेम हारने के साथ मैच निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया। इस स्थिति में दोनों जोड़ियों पर दबाव था, लेकिन सात्विक और चिराग ने तीसरे गेम की शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी का दबदबा

निर्णायक गेम में सात्विक-चिराग ने आक्रामक खेल दिखाया। दोनों ने मलेशियाई जोड़ी को लगातार दबाव में रखा और उन्हें अपनी रणनीति के मुताबिक खेलने का मौका नहीं दिया।

भारतीय जोड़ी ने अंक दर अंक अपनी बढ़त मजबूत की। मलेशियाई खिलाड़ी कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश करते रहे, लेकिन सात्विक और चिराग ने अपने खेल की गति और आक्रामकता बनाए रखी।

मलेशियाई जोड़ी ने दो मैच प्वाइंट बचाने में सफलता हासिल की, लेकिन इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले को लंबा नहीं खिंचने दिया। उन्होंने तीसरा गेम 21-11 से जीतकर सेमीफाइनल अपने नाम कर लिया।

1 घंटे 6 मिनट में खत्म हुआ मुकाबला

शेनझेन एरिना में खेला गया यह सेमीफाइनल मुकाबला कुल 1 घंटे 6 मिनट चला। तीन गेम तक चले मैच में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन निर्णायक गेम में भारतीय जोड़ी ने स्पष्ट बढ़त बनाई।

पहले गेम में पिछड़ने के बाद सात्विक और चिराग की वापसी उनके मानसिक धैर्य को भी दिखाती है। दूसरे गेम में मलेशिया की जोड़ी ने मुकाबला बराबर किया, लेकिन तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

सात्विक-चिराग तीसरी बार चाइना मास्टर्स के फाइनल में, खिताब के लिए चीन से मुकाबला

अब चीन की जोड़ी से खिताबी मुकाबला

फाइनल में सात्विक और चिराग के सामने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू होंगे। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने वाली चीनी जोड़ी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों के लिए फाइनल आसान नहीं होगा।

चीन की जोड़ी को अपने घरेलू माहौल का फायदा मिल सकता है, लेकिन सात्विक और चिराग भी बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने और आक्रामक बैडमिंटन खेलने के लिए जाने जाते हैं।

फाइनल में भारतीय जोड़ी की रणनीति शुरुआती बढ़त हासिल करने और रैलियों पर नियंत्रण बनाए रखने पर निर्भर कर सकती है। हालांकि, मुकाबले का वास्तविक परिणाम कोर्ट पर प्रदर्शन से ही तय होगा।

पहली चाइना मास्टर्स ट्रॉफी जीतने का मौका

सात्विक-चिराग के लिए इस फाइनल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वे अब तक चाइना मास्टर्स की ट्रॉफी नहीं जीत सके हैं। पिछले चार साल में तीसरी बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद खिताब उनसे दूर रहा है।

इस बार सेमीफाइनल में वापसी के बाद उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। खासकर निर्णायक गेम में 21-11 की जीत ने दिखाया कि दबाव की स्थिति में भारतीय जोड़ी अपनी आक्रामकता बनाए रख सकती है।

अब फाइनल में उन्हें चीन की जोड़ी के खिलाफ इसी प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी।

भारतीय बैडमिंटन के लिए अहम मुकाबला

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारतीय बैडमिंटन के प्रमुख पुरुष डबल्स खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को लगातार प्रतिस्पर्धी पहचान दिलाई है।

चाइना मास्टर्स के फाइनल में उनकी मौजूदगी एक बार फिर भारतीय पुरुष डबल्स के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। अब सभी की नजर खिताबी मुकाबले पर होगी, जहां उनका लक्ष्य लंबे समय से इंतजार कर रही इस ट्रॉफी को पहली बार जीतना होगा।

सेमीफाइनल में 0-5 की शुरुआती कमी से वापसी, दूसरा गेम गंवाने के बाद निर्णायक गेम में 21-11 की जीत और कुल 1 घंटे 6 मिनट का मुकाबला भारतीय जोड़ी के प्रदर्शन की कहानी बयां करता है।

अब सात्विक और चिराग के सामने आखिरी चुनौती चीन की हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी है। अगर भारतीय खिलाड़ी फाइनल में भी सेमीफाइनल जैसा संयम और आक्रामकता बनाए रखते हैं, तो उनके पास चाइना मास्टर्स में पहली ट्रॉफी जीतने का मजबूत मौका होगा।

Leave a comment